विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी लगातार जारी रहने और वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार में वर्ष 2024 के अंतिम कारोबारी दिन बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए। इस दौरान सेंसेक्स में 109 अंकों की गिरावट रही, वहीं निफ्टी लगभग स्थिर रहा।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 109.12 अंक यानी 0.14 प्रतिशत गिरकर 78,139.01 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 687.34 अंक गिरकर 77,560.79 पर पहुंच गया था।
हालांकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी शुरुआती गिरावट से काफी हद तक उबरने में सफल रहा और अंत में 0.10 अंक की मामूली गिरावट के साथ 23,644.80 पर बंद हुआ।
इस तरह घरेलू बाजार में वर्ष 2024 का समापन गिरावट के साथ हुआ। हालांकि इस साल सेंसेक्स कुल 5,898.75 अंक यानी 8.16 प्रतिशत उछला है जबकि निफ्टी में 1,913.4 अंक यानी 8.80 प्रतिशत की तेजी रही है।
सेंसेक्स ने इस साल 27 सितंबर को 85,978.25 के अपने रिकॉर्ड शिखर को छुआ था। निफ्टी भी उस दिन 26,277.35 के अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि उसके बाद दोनों ही सूचकांकों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा।
मंगलवार को कारोबार के दौरान सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से टेक महिंद्रा, जोमैटो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में गिरावट रही। दूसरी तरफ कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाटा मोटर्स के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,893.16 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।
एशिया के अन्य बाजारों में चीन के शंघाई कंपोजिट में गिरावट रही जबकि हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं जापान और दक्षिण कोरिया के बाजार नए साल की छुट्टियों के कारण बंद रहे। यूरोप के अधिकांश बाजार तेजी के साथ बंद हुए। अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.46 प्रतिशत बढ़कर 74.34 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 450.94 अंक गिरकर 78,248.13 और एनएसई निफ्टी 168.50 अंक नुकसान के साथ 23,644.90 पर बंद हुआ।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 13 पैसे गिरकर 85.65 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंचा
मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 13 पैसे टूटकर 85.65 (अनंतिम) के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। विदेशी पूंजी की भारी निकासी और वैश्विक बाजारों में डॉलर के मजबूत होने से साल का अंत 3 प्रतिशत की तीव्र गिरावट के साथ हुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि ब्याज दरों में कटौती के बारे में फेडरल रिजर्व के सतर्क रुख और डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी 10-वर्षीय बांड प्रतिफल में बढ़ोतरी के कारण "ट्रम्प फैक्टर" के कारण रुपया लगातार दबाव में है।
इसके अतिरिक्त, धीमी होती घरेलू आर्थिक वृद्धि, बढ़ता व्यापार घाटा और लगातार विदेशी निधियों के बहिर्गमन ने रुपये के अवमूल्यन को और बढ़ावा दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 85.54 पर खुला और दिनभर के कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 85.66 के निचले स्तर को छू गया। कारोबार के अंत में डॉलर के मुकाबले रुपया 85.65 (अनंतिम) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 13 पैसे कम है।
सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 4 पैसे गिरकर 85.52 पर आ था। घरेलू इकाई में डॉलर के मुकाबले लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 29 दिसंबर 2023 के स्तर 83.16 से घटकर 31 दिसंबर 2024 को 85.65 हो गई है।