बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मंगलवार को लाल निशान पर बंद हुए। विदेशी फंडों की लगातार निकासी के बीच निवेशकों ने आगे के रुझानों की प्रतीक्षा में बाजार से दूर रहना पसंद किया, जिससे बाजार में सपाट क्लोजिंग हुई।
30 ब्लू-चिप शेयरों में पावर ग्रिड, भारतीय स्टेट बैंक, टाइटन, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स और इंफोसिस पिछड़ गए। दूसरी ओर, टाटा मोटर्स, आईटीसी, नेस्ले, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एनटीपीसी और जोमैटो के शेयर लाभ में रहे।
रुपये में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही और मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह 9 पैसे टूटकर 85.20 (अनंतिम) के नए सर्वकालिक निम्न स्तर पर बंद हुआ। प्रमुख विदेशी मुद्रा विनिमय बाजारों के मुकाबले डॉलर के मजबूत होने और घरेलू शेयर बाजारों में नरमी के कारण यह गिरावट आई।
विश्लेषकों के अनुसार, माह के अंत में भुगतान दायित्व के कारण डॉलर की मांग में वृद्धि तथा अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा आक्रामक आयात शुल्क लगाए जाने की आशंका से डॉलर को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से रुपये में और गिरावट आई।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 85.10 पर खुला और कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 85.21 के अब तक के सबसे निचले स्तर को छू गया। अंत में डॉलर के मुकाबले रुपया 85.20 (अनंतिम) के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 9 पैसे कम है। सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 85.11 पर बंद हुआ था।