दो दिनों की बढ़त के बाद घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक बुधवार को फिर लाल निशान पर बंद हुए। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स 426.85 अंक गिरकर 79,942.18 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 126 अंक कमजोर होकर 24,340.85 पर बंद हुआ। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 84.04 रुपये (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ।
बीएसई सेंसेक्स 426.85 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 79,942.18 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 126 अंक या 0.51 प्रतिशत गिरकर 24,340.85 पर आ गया। सेंसेक्स के 30 शेयरों वाले शेयरों में इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक पिछड़ गए।
इसके विपरीत, मारुति, इंडसइंड बैंक, अडानी पोर्ट्स, आईटीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर व्यापक बाजार रुझान को धता बताते हुए सकारात्मक दायरे में बंद हुए। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को पूंजी बाजार में शुद्ध विक्रेता थे, क्योंकि उन्होंने 548.69 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
बाजार के जानकरों के अनुसार निकट भविष्य में बाजार दो कारकों से प्रभावित होगा- एक सकारात्मक और दूसरा नकारात्मक। सकारात्मक कारक यह है कि मंगलवार को एफआईआई की बिकवाली में भारी गिरावट आई और यह मात्र 548 करोड़ रुपये रह गई। यह इस बात का संकेत है कि 'भारत बेचो, चीन खरीदो' का एफआईआई सामरिक व्यापार समाप्त हो रहा है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) और खुदरा निवेशकों के बाजार में आने तथा एफआईआई की बिकवाली कम होने से त्योहारी माहौल के कारण बाजार को निकट भविष्य में बढ़ावा मिल सकता है। लेकिन तेजी का यह रुख बरकरार रहने की संभावना नहीं है, क्योंकि दूसरी तिमाही के आय आंकड़े वित्त वर्ष 2025 के लिए आय में नरमी का संकेत दे रहे हैं।"