गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान शेयर बाजार में शुरुआती सुस्ती बावजूद जबरदस्त उछाल आया। गुरुवार के कारोबारी सत्र के बाद सेंसेक्स पहली बार 1,196.98 (1.61%) अंकों की बढ़त के साथ 75,418.04 पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 354.66 (1.57%) अंकों की उछाल के साथ पहली बार 22,967.65 पर बंद हुआ। इंट्राडे के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी अपने नए ऑल टाइम हाई पर पहुंचे। सेंसेक्स 75,499.91 के नए हाई पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी पहली बार 22,993.60 पर पहुंच गया।
शेयर बाजार में वीकली एक्सपायरी के दिन निजी (प्राइवेट) बैंक के शेयरों में मजबूती दिखी। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स गुरुवार को 473.80 (2.00%) अंक उछलकर 24,203.95 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी बैंक इंडेक्स 986.65 (2.06%) अंक उछलकर 48,768.60 पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स भी अपने नए हाई 52,452.65 अंक पर पहुंच गया। यह 0.48% की बढ़त के साथ 52,418.55 पर बंद हुआ। अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, एलएंडटी, और एमएंडएम के शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स रहे। वहीं सन फार्मा, पावर ग्रिड कॉर्प, हिंडाल्को, कोल इंडिया और एनटीपीसी के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन शेयर बाजार में आए उछाल के कारण निवेशकों की संपत्ति में 4.28 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने से बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,20,22,635.90 करोड़ यानी करीब 5.05 ट्रिलियन डॉलर हो गया। इसके साथ्भ ही भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया।
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज की सोनी पटनायक के अनुसार 21800 के स्तर से बाजार में 1000 अंकों की रैली दिखी। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि बिकवाली करने वाले सिस्टम से बाहर हो गए हैं और एफआईआई लॉन्ग में पोजिशन ले रहे हैं। शॉर्ट रेशियो 26% लॉन्ग के कारण उछला है। निफ्टी फ्यूचर्स में आज अब तक इंट्राडे आधार पर 2.5% ताजा लॉन्ग दिखा है। निफ्टी महत्वपूर्ण प्रतिरोध को पार करने में कामयाब रहा। आज यह साप्ताहिक समाप्ति के बाद 22800 का स्तर और मौजूदा स्तर से महीने के अंत तक 23000 अंक की ओर बढ़ सकता है। दूसरी ओर, बैंकनिफ्टी का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर है।
आज जब शेयर बाजार कारोबार के लिए खुला तो निवेशकों के पास दो केंद्रीय बैंक गवर्नरों की गतिविधियों पर नजर टिकाने के विकल्प थे। एक एक दुनिया के सबसे शक्तिशाली जेरोम पॉवेल जो अमेरिकी फेडरल रिजर्व चलाते हैं, और दूसरे भारत के केंद्रीय बैंक आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास। बुधवार को जारी फेड मिनट्स में मुद्रास्फीति पर प्रगति की कमी पर फेड अधिकारियों की चिंताओं को नजरअंदाज करते हुए निवेशकों ने सरकार के लिए भारत के केंद्रीय बैंक द्वारा घोषित 2.1 लाख करोड़ रुपये के बंपर लाभांश पर ध्यान देने का विकल्प चुना।