घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट आई। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स 702.88 (1.06%) अंक टूटकर 65,756.43 अंकों पर जबकि निफ्टी 207.00 (1.05%) अंक फिसलकर 19,526.55 अंकों पर बंद हुआ। बुधवार को इंट्राडे में सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा टूटा। हालांकि, निचले स्तरों पर बाजार में खरीदारी होने से यह कुछ हद तक नुकसान कम कर बंद होने में सफल रहा। आंकड़ों के मुताबिक बुधवार के कारोबारी सेशन के दौरान निवेशकों को 3.5 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी है। इस दौरान इंडिगो के शेयरों में चार प्रतिशत की बढ़त जबकि टाटा मोटर्स के शेयरों में तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में आई बड़ी गिरावट का कारण वैश्विक बाजारों में कमजोरी का रुख रहा। वैश्विक बाजार में फिच की ओर से अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग कम करने के कारण मंदी का रुख दिखा।
दो महीने में रुपये में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट
आयातकों की ओर से जोखिम लेने जोखिम और डॉलर की मांग के कारण बुधवार को रुपये में करीब दो महीने में की एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मुकाबले रुपया 82.5825 पर बंद हुआ, जबकि मंगलवार को यह 82.2550 पर बंद हुआ था। कारोबारियों के अनुसार कुछ सरकारी बैंकों की डॉलर लिवाली से इंट्राडे ट्रेड में रुपया गिरकर 82.6150 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया था। उनके अनुसार इक्विटी से संबंधित विदेशी निकासी की संभावना से भी रुपया 82.60 रुपये प्रति डॉलर के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल पर पहुंच गया।
हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में छाई लाली

निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप गेनर्स

व्हर्लपूल के ठिकानों पर डीआरआई ने दी दबिश, कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी
घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनी व्हर्लपूल ऑफ इंडिया लिमिटेड ने कहा कि राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence) ने एक विशेष प्रकार की वॉशिंग मशीन के घटकों में से एक के एचएसएन कोड के संभावित गलत वर्गीकरण के संबंध में गुरुग्राम और पुडुचेरी में स्थित उसकी इकाइयों में तलाशी ली है। कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि सीमा शुल्क कानून 1962 (Customs Act, 1962) की धारा 105 के तहत छापेमारी की गई।