घरेलू शेयर बाजार में पांच दिनों की गिरावट के बाद सोमवार को हरियाली लौटी। सोमवार को सेंसेक्स 498.58 (0.63%) अंकों की बढ़त के साथ 78,540.17 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 876.53 अंक या 1.12 प्रतिशत चढ़कर 78,918.12 अंक पर पहुंचा। एनएसई निफ्टी 165.95 अंक या 0.70 प्रतिशत बढ़कर 23,753.45 पर पहुंच गया।
30 ब्लू-चिप शेयरों में आईटीसी, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडसइंड बैंक, टाइटन, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक सबसे ज्यादा लाभ में रहे। हालांकि, जोमैटो, मारुति, नेस्ले, एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व और टाटा मोटर्स के शेयरों में गिरावट दिखी। एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो और हांगकांग सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि शंघाई में गिरावट रही। यूरोपीय बाजारों में ज्यादातर गिरावट देखी गई। शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में भी बढ़त दर्ज की गई।
पिछले सप्ताह पांच सत्रों में बीएसई बेंचमार्क 4,091.53 अंक या 4.98 प्रतिशत गिरा और निफ्टी 1,180.8 अंक या 4.76 प्रतिशत गिरा। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 3,597.82 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.44 प्रतिशत बढ़कर 73.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,176.46 अंक या 1.49 प्रतिशत गिरकर 78,041.59 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 364.20 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 23,587.50 अंक पर बंद हुआ था।
घरेलू शेयर बाजारों में तेज सुधार के बावजूद रुपया सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने के दबाव का सामना करने में विफल रहा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात पैसे टूटकर 85.11 (अनंतिम) रुपये पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, डॉलर की भारी मांग के कारण रुपया कमजोर रहा। इसके अलावा, अस्थिर भू-राजनीतिक स्थिति के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी धारणा को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि डॉलर सूचकांक के ऊंचे स्तर पर बने रहने की उम्मीद है, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 2025 में ब्याज दरों में अपेक्षा से कम कटौती का संकेत दिया है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 85.02 पर खुला और 85.13 (अनंतिम) के निम्नतम स्तर को छूने के बाद कारोबार की समाप्ति पर 85.11 (अनंतिम) पर बंद हुआ।
जोमैटो बीएसई सेंसेक्स में शामिल होने वाला पहला नए जमाने का प्रौद्योगिकी स्टॉक बन गया है। कंपनी ने शेयरों ने नियमित अर्ध-वार्षिक पुनर्संतुलन में जेएसडब्ल्यू स्टील की जगह ली है। यह भारत के उभरते व्यापार परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। सेंसेक्स में जोमैटो का जुड़ना घरेलू उपभोक्ता इंटरनेट क्षेत्र के बढ़ते महत्व और सार्वजनिक बाजारों में इसकी बढ़ती उपस्थिति को उजागर करता है। बीएसई यह सुनिश्चित करता है कि सेंसेक्स में बाजार के सबसे प्रमुख और लिक्विड शेयरों को रखा जाए। इन शेयरों का चयन बाजार पूंजीकरण, ट्रेडिंग फ्रिक्वेंसी और वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर चुना जाता है।
बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को वित्तीय गलतबयानी, भ्रामक खुलासे, मूल्यों में हेरफेर और बढ़ी कीमतों पर शेयर बेचने के मामले में भारत ग्लोबल डेवलपर्स लि. (बीजीडीएल) में कारोबार रोक दिया दिया। इसके साथ ही, नियामक ने तरजीही आवंटियों की ओर से शेयरों की बिक्री के जरिये कमाए गए 271.6 करोड़ रुपये का अवैध मुनाफे भी जब्त कर लिया। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने अंतरिम आदेश में कहा, 16 दिसंबर, 2024 को सोशल मीडिया पोस्ट और एक शिकायत के बाद भारत ग्लोबल डेवलपर्स के खिलाफ जांच शुरू की गई थी।
यह जांच बीजीडीएल के शेयर की कीमत में 105 गुना की नाटकीय वृद्धि के बाद शुरू हुई। कंपनी का एक शेयर नवंबर, 2023 को 16.14 रुपये का था, जिसका मूल्य नवंबर, 2024 में बढ़कर 1,702.95 रुपये पर पहुंच गया। जांच के बाद कंपनी, इसके प्रबंध निदेशक अशोक कुमार सेवाडा, सीईओ मोहसिन खान और निदेशकों दिनेश कुमार शर्मा व निराली प्रभातभाई करेथा समेत कई तरजीही शेयरों के आवंटियों को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया गया है।