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बाजार में उथल-पुथल के बाद भी सेंसेक्स ने रचा इतिहास, निवेशकों की संपत्ति में इजाफा

Sat, 05 Dec 2020 02:13 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
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शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार बढ़त दर्ज की गई। सकारात्मक वैश्विक संकेतों के अनुरूप सेंसेक्स-निफ्टी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स ने इतिहास में पहली बार 45000 का आंकड़ा पार किया। विदेशी फंडों ने घरेलू बाजार में पैसा लगाना जारी रखा। दिनभर के कारोबार के बाद सेंसेक्स 380.68 अंक (0.85 फीसदी) ऊपर 45013.33 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी की बात करें, तो यह 13239.10 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। 

 

बाजार में आए इस जोरदार उछाल से निवेशकों की संपत्ति में इजाफा हुआ। इस दौरान बीएसई का बाजार पूंजीकरण 179 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा। अंतरराष्ट्रीय कारकों के अतिरिक्त भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में लिए गए फैसलों से भी बाजार गुलजार रहा। बीएसई के डाटा के अनुसार, विदेशी फंडों ने 2,970 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीद की। कोरोना वायरस की वैक्सीन की सकारात्मक खबरों से बाजार प्रभावित हुआ। 

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अगले कुछ महीने अर्थव्यवस्था के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। आरबीआई ने रेपो रेट स्थिर रखी है लेकिन केंद्रीय बैंक ने अगली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 0.10 फीसदी कर दिया है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति तीसरी तिमाही में 6.8 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.8 फीसदी रहने का अनुमान है।

सूचकांक ने वर्ष 2020 में हुए पूरे नुकसान की भरपाई कर ली है। यह एक जनवरी 2020 को 41,306.02 पर बंद हुआ था। इसके बाद जैसे ही कोरोना वायरस महामारी फैलती गई, वैश्विक बाजार धड़ाम हुआ, जिसका असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिला। भारत में जब संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी, तब 24 मार्च 2020 को सेंसेक्स 25,640 के स्तर पर था। हालांकि इसके बाद बाजार में तेजी से रिकवरी हुई। लेकिन विश्लेषकों के अनुसार, आगे बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। 

सबसे ज्यादा मुनाफे में रहीं टेक कंपनियां 
जनवरी 2018 से अब तक सबसे ज्यादा मुनाफे में टेक कंपनियां रहीं। सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें, तो आईटी में 83 फीसदी और एनर्जी में 41 फीसदी की बढ़त आई। वहीं यूटिलिटी, टेलीकॉम और मेटल में क्रमश: 21 फीसदी, 25 फीसदी और 29 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बढ़ी रुचि
नवंबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की भी रुचि बढ़ी है। एफपीआई लगातार दूसरे महीने भारतीय बाजारों में शुद्ध निवेशक बने रहे। एफपीआई ने नवंबर में भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 62,951 करोड़ रुपये डाले हैं। इस दौरान एफपीआई ने शेयर बाजारों में रिकॉर्ड निवेश किया है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार एफपीआई ने नवंबर में शेयरों में शुद्ध रूप से 60,358 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वहीं ऋण या बॉन्ड बाजार में उनका शुद्ध निवेश 2,593 करोड़ रुपये रहा है। 
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उभरते बाजारों में निवेश को दी प्राथमिकता
ग्रो के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हर्ष जैन ने कहा कि वैश्विक निवेशक विकसित बाजारों की तुलना में उभरते बाजारों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसकी वजह है कि उभरते बाजारों में उन्हें लाभ होने की अधिक संभावना है। जैन ने कहा, 'एफपीआई ने भारत में कुछ बड़ी कंपनियों में निवेश किया है। उनका ज्यादातर निवेश बैंकिंग क्षेत्र में आया है। ऐसे में उनका निवेश का प्रवाह कुछ शेयरों में केंद्रित है।' 
  • सेंसेक्स को 41,000 से 42,000 के स्तर तक पहुंचने में आठ महीने लगे। 
  • वहीं सूचकांक ने 44,000 से 45,000 का आंकड़ा सिर्फ 11 दिनों में पूरा कर लिया। 
  • 26 जून को 35,000 पर पहुंचले के बाद 113 कारोबारी सत्रों में यह 45,000 तक पहुंचा। 
  • साल 2018 से अब तक बीएसई का बाजार पूंजाकरण 19 लाख करोड़ रुपये बढ़ा और रिकॉर्ड 179 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 
  • इस दौरान विदेशी फंडों ने इक्विटीज में 1.9 लाख करोड़ रुपये डाले। 
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