अब उपभोक्ताओं को गलत सामान बेचने पर उत्पाद निर्माता को दो साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही भारतीय मानक ब्यूरो के मुताबिक स्तरीय सामान नहीं बेचने पर उन्हें भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
भारतीय मानक ब्यूरो के नए बिल में यह प्रावधान किया गया है। इस बिल को संसद द्वारा पारित कर दिया गया है। बिल के प्रावधान के मुताबिक अगर कोई वस्तु या सामान भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के स्तर के मुताबिक नहीं है तो बीआईएस उस सामान को बाजार से वापस ले सकती है और उस सामान बनाने वाले के लाइसेंस को रद्द कर सकती है।
अगर बीआईएस को लगता है कि कोई वस्तु व सेवा, बीआईएस के मानक के अनुरूप नहीं है तो वो उपभोक्ताओं को हजार्ना देने के लिए कह सकती है।