पूंजी बाजार नियामक सेबी ने आईएलएंडएफएस ( IL&FS ) पर जुर्माना लगाया है। सेबी ने कंपनी को 45 दिन के भीतर 10 लाख रुपये भरने को कहा है। बता दें कि सेबी द्वारा कंपनी पर जुर्माना बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) से संवेदनशील सूचनाएं छिपाने के आरोप में लगाया गया है।
इसलिए लगाया जुर्माना
सेबी ने मामले की जांच की, जिससे पता चला कि आईएलएंडएफएस ने एसेट विनिवेश और राइट्स इश्यू के जरिए बाजार से 4,500 करोड़ रुपये का फंड जुटाने संबंधी जानकारी बीएसई को नहीं दी थी। साल 2018 में आईएलएंडएफएस ने एक बैठक में 30,000 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के लिए मार्केट से रकम जुटाने का फैसला किया था।
कंपनी ने रखा पक्ष
हालांकि, इस संदर्भ में आईएलएंडएफएस का कहना है कि बैठक में इस योजना पर बातचीत पूरी नहीं हुई थी, इसलिए उसने बीएसई को इस बारे में जानकारी नहीं दी थी। कंपनी का कहना है कि इसका फैसला 29 अगस्त 2018 को हुई बैठक में लिया गया था और उसी दिन बीएसई इस बारे में सूचित भी कर दिया गया था।
जांच में सामने आई ये बात
लेकिन सेबी की जांच में पाया गया कि कंपनी ने रेटिंग एजेंसी को अपने फैसले के बारे में 23 जुलाई 2018 को ही अवगत करा दिया था। लेकिन बीएसई से यह जानकारी छिपाई थी।