सख्त हो सकता है आरबीआई
एडीबी ने बताया कि कैड और महंगाई के दबाव से रिजर्व बैंक एक बार फिर मौद्रिक समीक्षा में सख्त रुख अपना सकता है। इससे जून में होने वाली एमपीसी बैठक में एक बार फिर रेपो रेट में कटौती की उम्मीद लगाए बाजार को झटका लग सकता है। महंगा क्रूड रसायन, ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता उत्पाद, पेंट और लुब्रीकेंट उत्पादकों की लागत और संचालन खर्च भी बढ़ा सकता है, जिसका असर जीडीपी की रफ्तार पर भी होगा।
सरकार ने कर ली है तैयारी : प्रधान
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट कर बताया कि भारत अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए तेल आपूर्ति के अन्य विकल्पों पर मंथन कर रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की जरूरतें पूरी करने के लिए हमारी पूरी तैयारी है। ईरान से आयात बंद कर हम अन्य तेल उत्पादक देशों सऊदी अरब, कुवैत, यूएई और मैक्सिको से खरीद बढ़ाएंगे।
सरकारी तेल कंपनी आईओसी के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से हम अन्य स्रोतों से तेल आयात बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। अमेरिका के इस कदम का असर अस्थायी रूप से तेल कीमतों पर पड़ेगा लेकिन हम स्पॉट मार्केट के जरिये खरीद कर इससे बचने का रास्ता अपनाएंगे।