एयरपोर्ट, होटल, ढाबे, स्टेशन अब कोल्ड ड्रिंक्स, चिप्स जैसी वस्तुओं के एवज में अधिक वसूली नहीं कर सकेंगे। कंपनियों को समान गुणवत्ता व मात्रा की सभी वस्तुओं पर सभी जगह एक जैसी एमआरपी ही दर्ज करानी होगी।
वर्तमान में कंपनियां समान गुणवत्ता व मात्रा की वस्तुओं पर आम बाजारों, एयरपोर्ट, हाईवे पर स्थित ढाबे, स्टेशनों, लक्जरी होटलों पर अलग-अलग एमआरपी दर्ज कर रही हैं। ऐसा विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2011 एवं 2009 का स्पष्ट उल्लंघन है।
भारत सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार एक ही क्वालिटी व क्वालिटी वाली उत्पादों के दो अधिकतम खुदरा मूल्य नहीं हो सकते हैं।
अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक वसूली किए जाने पर की जायेगी कार्यवाही
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उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख शासन सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने इस संबंध में सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर एवं अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद् को एक पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि उत्पादकों एवं आयातकों द्वारा एक ही तरह की खाद्य वस्तुओं को दोहरे अधिकतम खुदरा मूल्य पर विक्रय किया जा रहा है, जो गलत है।
होटल्स, रेस्टोरेंट, ढाबा, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन सहित अनेक सार्वजनिक विक्रय स्थलों पर यह बहुतायत में किया जा रहा है। डॉ. अग्रवाल के अनुसार उच्च न्यायालय, दिल्ली के होटल्स और रेस्टोरेंट पर एमआरपी से अधिक बेचे जाने पर कार्यवाही नहीं किए जाने के संबंध में एक स्थगन आदेश था, जो अब रद्द हो चुका है और अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक वसूली किए जाने पर होटल्स और रेस्टोरेंट पर विधि संगत कार्यवाही की जा सकेगी।
उन्होंने निर्देशित किया है कि आम उपभोक्ताओं के हित में प्रभावी कार्यवाही अमल में लाई जाए और इस आदेश का अनुपालन आवश्यक रूप से करवाई जाए।