फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी के इस प्लान से मंदिरों में जमा पुण्य के सोने से बनेंगे गहने

Mon, 13 Apr 2015 03:34 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
मई महीने से पीएम मोदी सोने से जुड़ी गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम शुरू करने वाले हैं। अपनी इस स्कीम के तहत मोदी मंदिरों से आग्रह करेंगे कि वह अपना सोना बैंकों में रखें और उस पर ब्याज पाएं। सरकार उस सोने को पिघला कर सुनारों को ब्याज पर देगी और वे इसका इस्तेमाल गहने बनाने में करेंगे।
विज्ञापन


मुंबई के सिद्धि विनायक मंदिर ने मोदी की इस स्कीम से जुड़ने के संकेत दिए हैं। मंदिर के ट्रस्ट के चेयरमैन नरेंद्र मुरारी राणे ने कहा है उन्हें मोदी की इस स्कीम का हिस्सा बनने में काफी खुशी होगी। इस तरह से सोने पर ब्याज तो मिलेगा ही, उसकी सुरक्षा पर लगने वाला मंदिरों का खर्च भी बचेगा।

आपको बता दें कि सिद्धि विनायक मंदिर के पास करीब 158 किलो सोने का भंडार है। इसकी कीमत करीब 417 करोड़ रुपए है। देश के 5 बड़े मंदिरों में करीब 60 हजार किलो सोना है। सरकार इस सोने को बाजार में लाकर सोने के आयात को कम करना चाहती है, ताकि देश में व्यापारिक संतुलन बनाया जा सके।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

आस्था आ सकती है आड़े

वहीं दूसरी ओर, लोगों की आस्था मोदी की इस स्कीम के आड़े आ सकती है। कई भक्तों का कहना है कि भगवान को चढ़ावे में दिए गए सोने को पिघलाना पाप है। यह सोना उन्होंने भगवान के लिए दिया है न कि ट्रस्ट के लिए।

आपको बता दें कि 1999 में भी इससे मिलती-जुलती एक योजना शुरू की गई थी, जिसके तहत भारतीय स्टेट बैंक 0.75 से 1 प्रतिशत तक का ब्याज देता है। इस योजना के तहत अब तक सिर्फ 15 टन सोना ही जमा हो सका है।

सरकार को इस योजना से बहुत उम्मीदें होने की एक वजह यह भी है कि मंदिरों के पास बहुत सारा सोना पड़ा है। भारत के मंदिरों में करीब 3000 टन सोना है, जिसका इस्तेमाल कर के मोदी सरकार लोगों तक फायदा पहुंचाना चाहती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें