मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि एलआईसी के जुलाई-सितंबर, 2021 के वित्तीय आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा, फंड विभाजन की प्रक्रिया भी जारी है।
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ मार्च, 2022 तक आ जाएगा। सरकार इसकी मंजूरी के लिए बाजार नियामक सेबी के समक्ष इस महीने के अंत तक मसौदा पेश करेगी। पिछले महीने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह एलआईसी आईपीओ की प्रगति पर शीर्ष अधिकारियों से चर्चा की थी।
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मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि एलआईसी के जुलाई-सितंबर, 2021 के वित्तीय आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा, फंड विभाजन की प्रक्रिया भी जारी है। हमें भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास इस महीने के अंत तक आईपीओ संबंधी मसौदा प्रस्ताव पेश करने की उम्मीद है।
यह बात तय है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक एलआईसी का आईपीओ आ जाएगा। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गत वर्ष जुलाई में एलआईसी के विनिवेश को मंजूरी दी थी। इसे देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा है।
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विनिवेश लक्ष्य पाने के लिए अहम है आईपीओ
एलआईसी का आईपीओ चालू वित्त वर्ष के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य हासिल करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। सरकार अभी तक कई सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश से 9,330 करोड़ रुपये ही जुटा सकी है। सरकार ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी के आईपीओ के लिए गत सितंबर में 10 मर्चेेंट बैंकरों की नियुक्ति की थी। इनमें गोल्डमैन सॉक्स, सिटी ग्रुप और नोमुरा भी शामिल हैं। कानूनी सलाहकार के तौर पर सिरिल अमरचंद मंगलदास को नामित किया गया था।