कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन जारी है, जिसकी वजह से आवाजाही ठप है और पेट्रोल-डीजल की मांग अब भी धड़ाम है। आज लॉकडाउन के 37वें दिन भी इसके दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस दौरान सिर्फ नागालैंड, असम और मेघालय में तेल की कीमतों में इजाफा हुआ।
नागालैंड सरकार ने आमदनी प्रभावित होने की वजह से राजस्व में आई कमी की पूर्ति के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर उपकर लगाने का फैसला किया है। अब वहां पेट्रोल 6 रुपये प्रति लीटर और डीजल 5 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। असम सरकार ने भी डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर 6 रुपये प्रति लीटर टैक्स बढ़ाया था, जिसकी वजह से दाम बढ़े। वहीं, मेघालय में पेट्रोल के लिए टैक्स की नई दर 31 फीसदी (17.6 रुपये) प्रति लीटर और डीजल के लिए 22.5 फीसदी (12.5 रुपये) प्रति लीटर होगी।
प्रमुख महानगरों में इतना है दाम
आईओसीएल की वेबसाइट के अनुसार, आज दिल्ली, कोलकाता मुंबई और चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत क्रमश: 69.59, 73.30, 76.31 और 72.28 रुपये है। डीजल की बात करें, तो दिल्ली, कोलकाता मुंबई और चेन्नई में इसका दाम क्रमश: 62.29, 65.62, 66.21 और 65.71 रुपये है।
प्रति दिन छह बजे बदलती है कीमत
बता दें कि प्रति दिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।
कैसे तय होती है तेल की कीमत?
विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं। डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।