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Nexedge Report: शेयर बाजार के वो चार बड़े सेक्टर, जिन्हें ब्याज दर घटने से मिलेगा लाभ, जानें

Sat, 07 Jun 2025 05:35 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट और सीआरआर में कटौती की है। नेक्सएज की रिपोर्ट के अनुसार ब्याज दरों में कटौती से बैंकिंग, एनबीएफसी, रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर को लाभ मिलेगा। आइए विस्तार से जानते हैं।
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रेपो रेट - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से नीतिगत ब्याज दरों में कटौती और क्रेडिट रिजर्व रेशियो (सीआरआर) में कमी के बाद, ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील सेक्टरों में लाभ के आसार हैं। नेक्सएज की रिपोर्ट के अनुसार बैंकिंग, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं (एनबीएफसी), रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान आने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उधार लेने की लागत में गिरावट होने से, इन दर- संवेदनशील क्षेत्रों में मजबूत ऋण प्रवाह, कम वित्त पोषण लागत और मजबूत मांग देखने को मिल सकता है।

शेयर बाजार के किन चार बड़े क्षेत्रों को मिलेगा लाभ जानें

बैंकिंग- सीआरआर में कटौती होने से, बैंकों का अधिक फंड बचेगा, जिसे वे लोन, निवेश या अन्य व्यापारिक गतिविधियों में लगा सकते हैं। वे ग्राहकों को सस्ती दरों पर कर्ज दे पाएंगे। बैंकों से लोन लेने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी। बैंकों की नेट इंट्रेस्ट मार्जिन (एनआईएम) से होने वाली आय बढ़ेगी। 

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गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाएं-  ब्याज दरें घटने पर बैंक खुद एनबीएफसी को ज्यादा और रियायती दरों पर कर्ज दे पाएंगे। एनबीएफसी की कार्यशील पूंजी की लागत घटेगी, जिससे मुनाफा बढ़ेगा। यह अपने ग्राहकों को सस्ती दर पर कर्ज दे पाएंगे। इस कटौती से निवेशकों का ध्यान इनकी तरह आकर्षित होगा, इससे शेयरों की मांग बढ़ जाएगी। इनकी मार्केट वैल्यू में सुधार होने के साथ-साथ पूंजी जुटाना आसान होगा।

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रियल एस्टेट- कम ब्याज पर होम लोन मिलेंगे। इससे हाउसिंग डिमांड बढ़ जाएगी। खासतौर पर मध्यम आय के लोग ज्यादा से ज्यादा निवेश करेंगे। परियोजना पूरी होने की समयसीमा में तेजी आएगी। वर्तामान में औसत गृह ऋण दरें लगभग 8.5 प्रतिशत हैं, जो रेपो रेट कम होने से घटकर 8 प्रतिशत तक हो सकती हैं।

ऑटो सेक्टर- पर्सनल लोन सस्ता होने से बाजार में गाड़ियों खासकर कार की मांग बढ़ेगी। ब्याज दरें घटने से ईमआई भी कम हो सकती है। लोन प्रक्रिया आसान होगी। त्योहारी सीजन में कंपनियों को अधिक फायदा होने की संभावना है। 

बॉन्ड की कीमतों में आएगी तेजी 

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था कम महंगाई और पर्याप्त तरलता वाले चरण में कदम बढ़ा रही है। इस स्थिति में ब्याज दरों में कमी आएगी। इससे बॉन्ड की कीमतों में तेजी आएगी । महंगाई वर्तमान में केंद्रीय बैंक के लक्ष्य सीमा 2 से 6 प्रतिशत के निचले छोर के आसपास रही है। आरबीआई की तटस्थ नीतिगत रुख रखने के बाद, बाजार में आगे की दरों में कटौती की संभावना पर विचार शुरू हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 50 आधार अंक और सीआरआर में 100 आधार अंकों की कटौती का फैसला किया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्व कदम है।
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