इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) सोमवार से शेयर बाजार में अपने कारोबार की शुरुआत करेगी। इसी दिन इसके शेयर को बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध किया जाएगा। आईआरसीटीसी ने इन शेयरों की बिक्री से 645 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। बीएसई ने एक सर्कुलर में कहा कि आईआरसीटीसी लिमिटेड का इक्विटी शेयर 14 अक्तूबर से सूचीबद्ध होंगे और प्रतिभूतियों के बी समूह में खरीद-बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इससे पहले आईआरसीटीसी का आईपीओ 30 सितंबर से 4 अक्तूबर के बीच खुला था। इसे 112 गुना तक अभिदान मिला था।
कंपनी ने 305 रुपये के भाव से आईपीओ के दौरान शेयर अलॉट किया था। लोगों को 40 शेयर का एक लॉट खरीदने के लिए 12,200 रुपये खर्च करने पड़े। अब ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर पर 220-227 रुपये का प्रीमियम मिल रहा है। इस हिसाब से अभी यह शेयर ग्रे मार्केट 520 रुपये प्रति शेयर के भाव पर मिल रहा है।
इस शेयर की सबसे ज्यादा खरीद हाई नेटवर्थ वाले लोग कर रहे हैं। इन लोगों ने ही सबसे ज्यादा पैसा इस आईपीओ में लगाया है। शुरुआत में इस आईपीओ के लिए 60-64 रुपये का प्रीमियम मिल रहा था, वो फिर 163 रुपये हुआ और अब इसके शेयर पर 220-227 रुपये का प्रीमियम मिल रहा है।
भारतीय कंपनियों ने जुलाई-सितंबर तिमाही में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये करीब 0.86 अरब डॉलर (6,000 करोड़ रुपये) बटोरे हैं। इस दौरान कंपनियों ने 10 आईपीओ बाजार में उतारे है। अर्नस्ट एंड यंग (ईवाई) ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2020 की पहली छमाही में आईपीओ का बाजार और तेजी पकड़ेगा।
ईवाई के अनुसार, 2019 की तीसरी तिमाही में आईपीओ जारी करने के मामले में भारतीय इक्विटी बाजार (बीएसई-एनएसई) दुनिया में छठे स्थान पर रहा है। हालांकि, भारतीय कंपनियों ने पिछले साल की समान तिमाही में 22 आईपीओ के जरिये 0.87 अरब डॉलर की राशि जुटाई थी।
2019 में बीएसई-एनएसई पर चार आईपीओ जारी किए गए, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा तीन था। एसएमई बाजार में तीसरी तिमाही के दौरान छह आईपीओ उतारे गए, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 42 आईपीओ लाए गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की ओर से लगातार किए जा रहे सुधारों का असर पूंजी बाजार पर दिखने लगा है और इससे बाजार की धारणा में मजबूती आएगी, जो अर्थव्यवस्था को गति देने में मददगार होगा।