शेयर बाजारों में गिरावट के कारण बुधवार को निवेशकों के 1.84 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बुधवार को सेंसेक्स में 504 अंक की गिरावट रही। कारोबार के दौरान इसमें एक समय 586.17 अंक की गिरावट रही थी।
इसके कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का सम्मिलित बाजार पूंजीकरण 1,84,483.79 करोड़ रुपये कम होकर 1,46,88,763.39 करोड़ रुपये पर आ गया। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 24 में गिरावट देखने को मिली। सबसे ज्यादा गिरावट बैंक और वाहन कंपनियों के शेयरों में रही।
कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स ने 586 अंक टूटा, हालांकि बाद में कुछ सुधरकर 503.62 अंक कमजोर होकर 38,593.52 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 148 अंकों की गिरावट के साथ 11,440.20 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले यूएस डेमोक्रेट नैंसी पेलोसी द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ औपचारिक महाभियोग जांच शुरू करने के ऐलान से वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव दिखा। विश्लेषकों ने कहा कि अरब देशों में तनाव और वैश्विक वृद्धि में कमजोरी के संकेतों से सुस्ती के बीच इस खबर से राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ गई।
ट्रेडर्स ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर निवेशक हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली करते नजर आए, जिससे बैंक, वित्त और वाहन कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा। सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में एसबीआई, टाटा मोटर्स, मारुति, यस बैंक, एमएंडएम, एचडीएफसी, आईटीसी, वेदांत, हीरो मोटोकॉर्प, टाटा स्टील, एलएंडटी शामिल रहे, जिनमें 7.37 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं पावरग्रिड, टीसीएस, एनटीपीसी, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और आरआईएल सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे, जिनमें 4.39 फीसदी तक कमजोरी दर्ज की गई।
वहीं सेंसेक्स में इस गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों की बाजार पूंजीकरण 1,84,483.79 करोड़ रुपये घटकर 1,46,88,763.39 करोड़ रुपये रह गई।