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नोटबंदी का असर: महंगाई में हो सकती है गिरावट

Mon, 26 Dec 2016 05:32 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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नए साल में महंगाई दर में गिरावट का रुख जारी रह सकता है। नोटबंदी की वजह से नकदी की किल्लत से किसान कम कीमत पर सब्जी बेचने को मजबूर हैं। वहीं नोटबंदी के बाद से खाने-पीने से लेकर हर प्रकार की वस्तुओं की मांग में कमी आई है जो आने वाले महीनों में भी जारी रह सकती है।
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ऐसे में वस्तुओं की थोक व खुदरा दोनों ही कीमतों में गिरावट का रुख रह सकता है। गत 8 नवंबर को नोटबंदी के फैसले के बाद नवंबर माह की थोक व खुदरा दोनों ही महंगाई दरों में नरमी का रुख रहा। हालांकि नोटबंदी से वस्तुओं का निर्यात प्रभावित हो सकता है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशंस (फियो) के मुताबिक नवंबर में वस्तुओं के निर्यात में 2 फीसदी की गिरावट रही, लेकिन नए साल में निर्यात पर विपरीत असर दिख सकता है।

गत 8 नवंबर के बाद से निर्यातक एक सप्ताह में अधिकतम 50 हजार रुपये की निकासी कर सकते हैं। इस वजह से उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है। वैश्विक बाजार में वस्तुओं की मांग में सुस्ती से भी निर्यात प्रभावित रह सकता है, लेकिन सरकार की तरफ से निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा क्षमता में बढ़ोतरी के लिए विशेष सहायता देने पर निर्यात पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। औद्योगिक उत्पादन व मैन्यूफैक्चरिंग में नए साल के पहले कुछ महीनों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं दिख रही है। पिछले दो महीनों में रिटेल की बिक्री में कमी आई है।
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रियल एस्टेट जैसे रोजगारपरक क्षेत्र में काम कम होने से रोजगार में कटौती शुरू हो गई है जिससे मांग प्रभावित होना तय है और इसका असर औद्योगिक उत्पादन भी दिखेगा। मैन्यूफैक्चरिंग में पहले से ही गिरावट चल रही है। पिछले तीन महीनों में औद्योगिक उत्पादन कभी सकारात्मक तो कभी नकारात्मक क्षेत्र में दिखा। सरकार की तरफ से इंफ्रास्ट्र्क्चर में भारी निवेश के बाद औद्योगिक उत्पादन में तेजी आ सकती है।
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