पांच हफ्तों के भीतर भारतीय रुपये ने लंबी छलांग लगाई है। एशियाई देशों की करेंसी में जहां पांच हफ्ते पहले रुपये की स्थिति काफी कमजोर थी, वहीं अब यह सभी देशों में प्रचलित करेंसी का सिरमौर बन गया है।
पांच हफ्ते पहले भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 72-75 के भाव से कारोबार कर रहा था। पुलवामा हमले के बाद भारत-पाक में युद्ध की आशंका के बीच रुपया काफी नीचे चला गया था। लेकिन अब बालाकोट पर हमले के बाद और कुछ सर्वे व ओपिनियन पोल में प्रंधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दुबारा सत्ता संभालने की वजह से रुपया काफी मजबूत हो गया है।
इन पांच हफ्तों में शेयर बाजार भी काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनावों की घोषणा के अगले दिन से शेयर बाजार लगातार बढ़त के साथ बंद हो रहा है। इससे निवेशकों को भी अच्छा रिटर्न मिल रहा है।