चीन से आयात पर रोक लगाने की बहस के बीच एसबीआई ने सुझाव दिया है कि भारत को इस पर सोच समझकर फैसला लेना चाहिए। एसबीआई ने बुधवार को इकोरैप रिपोर्ट में दावा किया कि सेवा क्षेत्र में भारत चीन का मुकाबला कर सकता है और पहले उसे इन क्षेत्रों की मजबूती पर ध्यान देना होगा।
एसबीआई ने कहा, सेवाओं और मर्चेंडाइज व्यापार निर्यात के आंकड़ों से पता चलता है कि सेवा के मोर्चे पर भारत चीन से आगे निकल सकता है। टेलीकम्युनिकेशंस, कंप्यूटर और सूचना सेवाओं में भारत का निर्यात चीन से कहीं ज्यादा है। चीन भी इन क्षेत्रों में पकड़ बना रहा है, इसलिए भारत को पहले यहां मजबूती पर ध्यान देना होगा। इकोरैप के अनुसार, चीन से आयात पर अचानक रोक नहीं लगाई जा सकती है। अभी सिर्फ उन खास क्षेत्रों पर रोक लगाना चाहिए, जो एमएसएमई क्षेत्र के लिए अवसर बना सकते हैं।
सस्ते और महंगे बाजार में चीन की गहरी पैठ
एसबीआई ने कहा कि भारत के सस्ते और महंगे दोनों तरह के बाजार में चीन की गहरी पैठ है। आयात पर अचानक प्रतिबंध से स्थानीय आपूर्ति के साथ कारोबारी और ग्राहकों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। 1996-97 में 22 ऐसे क्षेत्र थे, जिसमें चीन से आयात शून्य था जबकि 2019-20 में इन क्षेत्रों में 50 करोड़ डॉलर का आयात हुआ। इस दौरान चीन से कुल 6,844 उत्पादों का आयात किया गया। हालांकि, चीन के 59 एप बैन करने से भारतीय स्टार्टअप और आईटी कंपनियों के लिए ज्यादा मौके बनेंगे।