वाणिज्य मंत्रालय को दीवाली से पहले सोने के आभूषणों की बीआईएस हालमार्किंग को प्राथमिकता के आधार पर अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे देनी चाहिए। उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
सोने की हालमार्किंग उसकी शुद्धता का प्रमाण है, जो वर्तमान में स्वैच्छिक है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधीन आने वाला भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) हालार्किंग के लिए एक प्रशासनिक प्राधिकरण है। यह तीन ग्रेड 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट के सोने के आभूषणों की हालमार्किंग के मानक तय करता है।
हालांकि वाणिज्य मंत्रालय विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को सूचना देकर कोई भी अनिवार्य नियम की पेशकश के लिए अधिसूचना जारी कर सकता है। पासवान ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने वाणिज्य मंत्रालय को सोने के आभूषणों की हालमार्किंग को अनिवार्य बनाने की अनुमति देने के लिए प्रस्ताव भेजा है। इसे उपभोक्ताओं के हित में दीवाली से पहले प्राथमिकता के आधार पर अनुमति मिल जानी चाहिए।’