गेहूं से आयात शुल्क हटाने के फैसले पर केंद्र सरकार जल्द ही पुनर्विचार कर सकती है। सरकार के इस कदम से किसानों में असंतोष के संकेत मिले हैं। पश्चिमी यूपी के भाजपा सांसदों ने पार्टी आलाकमान के समक्ष नोटबंदी के मुद्दे के साथ गेहूं से आयात शुल्क हटाने के मामले को जोरशोर से उठाया है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ बृहस्पतिवार को पश्चिमी यूपी के पार्टी सांसदों की समीक्षा बैठक में गेहूं से आयात शुल्क हटाने का मुद्दा जोरशोर से उठा। नोटबंदी के बाद यूपी के सियासी जमीन के आंकलन के लिए शाह की ओर से बुलाई गई बैठक में पार्टी सांसदों ने नोटबंदी की वजह से हो रही दिक्कतों के अलावा गेहूं से आयात शुल्क हटाने के फैसले से किसानों में असंतोष बढ़ने की बात कही।
इस पर आलाकमान की ओर से जल्द ही सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन मिला है। केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान भी सरकार और संगठन के वरिष्ठ नेताओं को गेहूं से आयात शुल्क हटाने से किसानों में पनप रहे आक्रोश से अवगत करा चुके हैं।
सूत्र बताते हैं कि सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने बालियान और पार्टी सांसदों को यह कहते हुए संतुष्ट कराया है कि किसी भी सूरत में वह विदेश से गेंहू का आयात नहीं होने देंगे। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार शाम को केंद्रीय राज्यमंत्री निरंजन ज्योति के निवास पर पश्चिमी यूपी के सांसदों के साथ हुई शाह की समीक्षा बैठक में कैराना से सांसद हुकूम सिंह, मेरठ से सांसद राजेंद्र अग्रवाल और फतेहपुर सिकरी के सांसद चौ. बाबू लाल ने आलाकमान से गेहूं से आयात शुल्क हटाने के कदम को वापस लेने की मांग की।