मिश्रित आर्थिक आंकड़ों से आज भारतीय बाजारों में सोने और चांदी की वायदा कीमत में बढ़त दर्ज की गई। एमसीएक्स पर जून डिलीवरी का सोना वायदा 0.16 फीसदी (74 रुपये) ऊपर 46945 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि जुलाई डिलीवरी वाला चांदी वायदा का भाव 0.34 फीसदी (235 रुपये) बढ़कर 69,884 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। पिछले साल सोना 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंचा था।
वैश्विक बाजारों में इतनी रही कीमत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई तेजी से घरेलू बाजार में कीमत बढ़ी। हाजिर सोना 0.27 फीसदी बढ़कर 1,780.8 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 0.21 फीसदी बढ़कर 26.61 डॉलर प्रति औंस पर थी। एक मजबूत डॉलर इंडेक्स अन्य मुद्रा धारकों के लिए सोने को अधिक महंगा बनाता है। डॉलर इंडेक्स 0.34 फीसदी बढ़कर 91.23 पर था।
चार मई को सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव देखा गया। दोनों धातुओं ने सत्र की शुरुआत में बढ़त हासिल की लेकिन उच्च स्तर से फिर फिसल गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी गिरावट पर बंद हुए।
सोने का सबसे बड़ा आयातक देश है भारत
भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का आयातक देश है। मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए सोने का आयात किया जाता है। मात्रा के हिसाब से भारत सालाना 800 से 900 टन सोने का आयात करता है। मालूम हो कि सरकार ने बजट में सोने पर आयात शुल्क 12.5 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया है।
तीन वर्षों में 9000 किलोग्राम डिजिटल सोने की बिक्री
देश में पिछले तीन साल में 8,000 से 9,000 किलोग्राम डिजिटल गोल्ड की खरीद-बिक्री हुई है। इसमें अब तक सात-आठ करोड़ लोग निवेश कर चुके हैं। इस कारोबार से जुड़े जानकारों का कहना है कि मध्य वर्ग परिवारों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घर में रखने पर चोरी को लेकर हमेशा डर बना रहता है। वहीं, डिजिटल गोल्ड की खरीद में ऐसी कोई समस्या नहीं हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में जब तकनीक और निवेश के लिए नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं तो इसमें डिजिटल गोल्ड की भी मजबूत जगह बनती जा रही है।