मंगलवार को भारतीय बाजारों में सोने की वायदा कीमत में उछाल आया, लेकिन चांदी वायदा सस्ती हुई। एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.38 फीसदी (181 रुपये) नीचे 47932 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी वायदा 0.17 फीसदी (119 रुपये) गिरकर 71425 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले साल सोना 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंचा था।
वैश्विक बाजारों में इतनी रही कीमत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना 0.4 फीसदी उछलकर 1,836.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अमेरिकी सोना वायदा 0.3 फीसदी बढ़कर 1,837.60 डॉलर प्रति औंस हुआ। जबकि चांदी 0.2 फीसदी गिरकर 27.39 डॉलर प्रति औंस पर थी। पैलेडियम 1.5 फीसदी बढ़कर 2971.39 डॉलर पर पहुंचा। प्लैटिनम 0.8 फीसदी ऊपर 1258.87 डॉलर पर रहा।
तीन वर्षों में 9000 किलोग्राम डिजिटल सोने की बिक्री
देश में पिछले तीन साल में 8,000 से 9,000 किलोग्राम डिजिटल गोल्ड की खरीद-बिक्री हुई है। इसमें अब तक सात-आठ करोड़ लोग निवेश कर चुके हैं। इस कारोबार से जुड़े जानकारों का कहना है कि मध्य वर्ग परिवारों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घर में रखने पर चोरी को लेकर हमेशा डर बना रहता है। वहीं, डिजिटल गोल्ड की खरीद में ऐसी कोई समस्या नहीं हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में जब तकनीक और निवेश के लिए नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं तो इसमें डिजिटल गोल्ड की भी मजबूत जगह बनती जा रही है।
क्या है डिजिटल गोल्ड?
विदेश में इसका चलन पहले से है, लेकिन भारत में तीन वर्षों से इसमें वृद्धि देखी जा रही है। डिजिटल गोल्ड का मतलब है कि जब कोई व्यक्ति ऑनलाइन सोना खरीदता है तो सराफा कंपनियां उस कीमत का सोना अपने लॉकर में रख देती हैं। इसके बदले ग्राहक को एक रसीद मिलती है। जैसे-जैसे आप इसमें निवेश करते जाते हैं, आपके लॉकर में सोना बढ़ता जाता है। जरूरत पड़ने पर इसे ऑनलाइन बेच भी सकते हैं।