भारत में सोने की कीमतें लगातार तीसरे दिन कमजोर रही। एमसीएक्स पर सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बावजूद सोना वायदा 0.02 फीसदी गिरकर 49,131 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। पिछले सत्र में सोना 0.5 फीसदी गिरा था, जबकि चांदी 0.9 फीसदी गिरी थी। एमसीएक्स पर आज चांदी वायदा 0.4 फीसदी बढ़कर 66,885 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। जियोजीत फाइनेंशियल के अनुसार बड़े अमेरिकी राजकोषीय उपायों की उम्मीदों के कारण सोने की कीमतों में गिरावट जारी है।
वैश्विक बाजारों में इतना रहा दाम
वैश्विक बाजारों में, पिछले सत्र में 0.9 फीसदी की गिरावट के बाद आज हाजिर सोना 0.3 फीसदी बढ़कर 1,858.57 डॉलर प्रति औंस हो गया। अन्य कीमती धातुओं में आज चांदी 0.9 फीसदी बढ़कर 25.61 डॉलर प्रति औंस हो गई जबकि प्लैटिनम 0.6 फीसदी बढ़कर 1,105.06 डॉलर हो गया।
इस सप्ताह इन कारकों से प्रभावित हो सकती है कीमत
इस सप्ताह सोने के व्यापारियों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति के निर्णय और चेयरमैन जेरोम पॉवेल द्वारा बुधवार को की जाने वाली घोषणा पर होगी। इसके अलावा, अमेरिका की चौथी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद, प्रारंभिक और बेरोजगार दावे डाटा गुरुवार को जारी किए जाएंगे।
इस बीच, एशिया में भौतिक सोने की मांग पिछले हफ्ते बढ़ी क्योंकि चीनी नव वर्ष ने चीन और सिंगापुर में खरीदारों को प्रोत्साहित किया है। भारत में सोने पर 12.5 फीसदी आयात शुल्क और तीन फीसदी जीएसटी लगता है। भारत में सोने की दरें अब उनके अगस्त के उच्च स्तर से करीब 7,000 रुपये नीचे हैं और डीलरों को उम्मीद है कि कीमतों में सुधार और आर्थिक सुधार भारत में मांग को बढ़ाएंगे।
कमजोर निवेशक रुचि को दर्शाता है ईटीएफ का प्रवाह
दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड समर्थित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड या गोल्ड ईटीएफ, एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट की होल्डिंग्स शुक्रवार को 0.7 फीसदी गिरकर 1,173.25 टन हो गई। स्वर्ण ईटीएफ सोने की कीमतों पर आधारित होते हैं और उसके दाम में आने वाली घट-बढ़ पर ही इसका दाम भी घटता बढ़ता है। मालूम हो कि ईटीएफ का प्रवाह सोने में कमजोर निवेशक रुचि को दर्शाता है। एक मजबूत डॉलर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोने को अधिक महंगा बनाता है।