आज भारतीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई। उच्च वैश्विक दरों से इसमें इजाफा हुआ। एमसीएक्स पर फरवरी का सोना वायदा 0.27 फीसदी बढ़कर 49,115 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि चांदी 0.3 फीसदी बढ़कर 66,234 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले सत्र में सोने और चांदी में क्रमशः 0.2 फीसदी और 0.9 फीसदी की तेजी आई थी। वैश्विक बाजारों में, एक बड़े अमेरिकी प्रोत्साहन की उम्मीदों के बीच कमजोर अमेरिकी डॉलर से सोने की दरें बढ़ीं।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इतना रहा दाम
सोना हाजिर आज 0.5 फीसदी बढ़कर 1,848.30 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि डॉलर इंडेक्स 0.14 फीसदी गिरकर 90.345 पर रहा। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 0.9 फीसदी चढ़कर 25.42 डॉलर प्रति औंस हो गई, जबकि प्लैटिनम 1.2 फीसदी बढ़कर 1,096.23 डॉलर और पैलेडियम 0.4 फीसदी बढ़कर 2,361.79 डॉलर हो गया।
कोटक सिक्योरिटीज ने एक नोट में कहा कि, 'बाजार के विश्लेषक इस बात का आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं कि नीतिगत बदलाव क्या होंगे। बाजार के विश्लेषक टैक्स बढ़ोतरी, अमेरिका-चीन संबंध, मुद्रा बाजार भागीदारी आदि जैसे अन्य मुद्दों के बारे में अधिक स्पष्टता चाहते हैं।' सोने को मुद्रास्फीति और मुद्रा दुर्बलता के खिलाफ एक बचाव माना जाता है, जो व्यापक उत्तेजना के परिणामस्वरूप हो सकता है।
इस साल बढ़ सकती है सोने की मांग: डब्ल्यूजीसी
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के उबरने के साथ भारत में 2021 के दौरान उपभोक्ता भावनाओं में सुधार हो रहा है और सोने की मांग सकारात्मक दिखाई दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर में धनतेरस के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि आभूषणों की मांग औसत से कम थी, लेकिन इसमें पिछले साल की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून 2020) के निचले स्तर के मुकाबले काफी सुधार हुआ। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि कुछ समय के लिए अपनी पूर्ण क्षमता के मुकाबले सुस्त बनी रहेगी, लेकिन पिछले कुछ समय से सोने की कीमतों में स्थिरता के चलते उपभोक्ताओं के लिए खरीद के अवसर बढ़ेंगे। डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक चीन जैसे देशों में आर्थिक सुधार की संभावना है, जिसे 2020 की शुरुआत में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था।