भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते बुधवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। सोना 1000 रुपये चढ़कर एक लाख 750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को सोने का बंद भाव 99750 रुपये था। यह बढ़त निवेशकों की तरफ से सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना खरीदने के कारण आई है।
सेना की कार्रवाई के बाद बाजार में हलचल
बुधवार सुबह भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इनमें जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर ठिकाना और लश्कर-ए-तैयबा का मुरिदके बेस भी शामिल है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद निवेशक सोने जैसे सुरक्षित साधनों की तरफ भागे हैं।
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99.5% शुद्धता वाला सोना भी महंगा
99.5% शुद्धता वाले सोने की कीमत भी 1050 रुपये बढ़कर एक लाख 350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। मंगलवार को इसका बंद भाव 99 हजार 300 रुपये था। यह उछाल सोने के लिए अब तक के रिकॉर्ड स्तर के करीब है। इससे पहले 22 अप्रैल को सोना एक लाख एक हजार 600 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंचा था।
चांदी के दाम में भी तेजी
चांदी की कीमतों में भी तेजी देखी गई। चांदी 440 रुपये महंगी होकर 98940 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। मंगलवार को इसका भाव 98500 रुपये था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी के दाम थोड़े गिरे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरा, लेकिन भारत में मांग मजबूत
वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड बुधवार को 1.8% गिरकर $3,369.65 प्रति औंस पर आ गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ता की उम्मीदों से वैश्विक बाजारों में थोड़ी राहत आई है, जिससे सोने में नरमी आई। लेकिन भारत-पाक तनाव और अन्य वैश्विक संकटों के चलते भारत में सोने की मांग बनी हुई है।
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विशेषज्ञों की राय: सोना बना रहेगा निवेशकों का पसंदीदा विकल्प
एबांस फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ चिंतन मेहता ने कहा, 'भले ही कुछ देशों में तनाव कम हो रहा है, लेकिन भारत-पाक सीमा, मिडिल ईस्ट और यूक्रेन के हालात अभी भी गंभीर हैं। ऐसे में सोना निवेश के लिए भरोसेमंद विकल्प बना रहेगा।'
अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर
कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च की एवीपी कयनत चैनवाला ने बताया कि अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक पर है। उम्मीद है कि फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। साथ ही, फेड चेयर जेरोम पॉवेल के बयान भी निवेशकों के लिए दिशा तय करेंगे।