दिवाली व धनतेरस जैसे पर्व निकट होने से उमड़ी त्योहारी मांग के कारण स्थानीय आभूषण निर्माताओं की ओर से सोने की निरंतर खरीद से सोना बृहस्पतिवार को 130 रुपये मजबूत होकर 32,780 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। विदेशों से मजबूत रुझान से भी सोने को बल मिला। इस बढ़त के साथ सोना पिछले छह साल के अपने सर्वाधिक स्तर पर पहुंचा।
29 नवंबर 2012 के 32,940 रुपये प्रति 10 ग्राम के बाद यह सोने का सर्वश्रेष्ठ स्तर है। बुधवार को सोना 32,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के छह वर्षों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा था। वैश्विक बाजार में सिंगापुर में सोना 0.82 फीसदी की बढ़त के साथ 1,225.10 डॉलर प्रति औंस पर रहा। पिछले सत्रों में सोने में 100 रुपये की बढ़त हुई। बृहस्पतिवार के सत्र में चांदी 90 रुपये टूटकर 39,110 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। एजेंसी
देश में बढ़ी मांग, लेकिन त्योहारी परिदृश्य नरम
कीमतों में गिरावट से मोलभाव से भरी खरीद के कारण भारतीय बाजार में इस वर्ष सितंबर तिमाही में सोने की मांग पिछले वर्ष के मुकाबले 10 फीसदी बढ़कर 183.2 टन रही। यह बात विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने अपनी रिपोर्ट में कही। हालांकि सोने की बढ़ती कीमतों व तरलता संकट से इस दिवाली व धनतेरस सोने की मांग नरम रह सकती है। रिपोर्ट के अनुसार सितंबर तिमाही में देश में सोने की मांग 14 फीसदी बढ़कर 50,090 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष 43,800 करोड़ रुपये थी।
डब्ल्यूजीसी के भारतीय प्रबंध निदेशक सोमसुंदरम ने कहा कि इस तिमाही की शुरुआत में सोने का भाव गिरकर 29,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जाने के कारण मांग में तेजी आई है, यह जनवरी 2018 के बाद से सबसे निचला स्तर है। हालांकि रुपये की कमजोरी के कारण घरेलू बाजार में सोने की कीमतें 32,000-33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक बढ़ी, जिसके परिणामस्वरूप तिमाही के अंतिम भाग में सोने की मांग कमजोर हुई।
सोमसुंदरम के अनुसार खरीद में कमी व केरल में आई बाढ़ से सोने के मुख्य बाजार (केरल) में उथल-पुथल रही जिससे सोने की मांग में और कमी आई। त्योहारी मांग व शादी का मौसम होने के कारण साल की आखिरी तिमाही (अक्तूबर-दिसंबर) आमतौर पर सोने के लिए एक बेहतरीन समय होता है। सोमसुंदरम ने कहा कि हमारा अनुमान है कि भारतीय बाजार में सालभर की सोने की मांग 700-800 टन के निचले स्तर पर रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष सितंबर तिमाही में सोने के आभूषण की मांग 10 फीसदी बढ़कर 148.8 टन रही, जो पिछले वर्ष समान अवधि में 134.8 टन थी। एजेंसी
वैश्विक बाजार में सोने की मांग स्थिर
चालू वर्ष की तीसरी तिमाही में वैश्विक स्तर पर सोने की मांग सिर्फ एक फीसदी बढ़कर 964 टन पर रही। इसका मुख्य कारण सोने पर आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में भारी प्रवाह है। यह बात विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने बृहस्पतिवार को कही। डब्ल्यूजीसी की क्यू3 गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स के मुताबिक 2017 की समान अवधि में यह मांग 958 टन की थी।
रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष की तीसरी तिमाही में ईटीएफ प्रवाह 103 टन पर रहा, जो कि 2016 की चौथी तिमाही के बाद से पहला प्रवाह है। मजबूत डॉलर के साथ रुझान में जोखिम के कारण उत्तरी अमेरिका की प्रवाह में हिस्सेदारी 73 फीसदी थी। भारतीय व चीनी बाजार में आभूषणों की मांग में 10 फीसदी का इजाफा हुआ, जबकि भू-राजनीतिक मसलों के कारण मध्य पूर्व में इसकी मांग 12 फीसदी घटी है।