सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के एक दिन बाद ही इसकी कीमतें पांच साल के सबसे शीर्ष स्तर पर पहुंच गईं। सोने के भाव 35 हजार के पार चला गया। वहीं चांदी की कीमतों में भी 280 रुपये की तेजी देखी गई।
दिल्ली सराफा बाजार में यह रहा हाल
सोना स्टैंडर्ड 1,300 रुपये की बढ़त में 35,470 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। सोना बिटुर भी इतनी ही तेजी के साथ 35,300 रुपये प्रति दस ग्राम पर रहा। आठ ग्राम वाली गिन्नी 500 रुपये की छलांग लगाते हुए 27,300 रुपये के भाव पर बिकी।
चांदी का यह रहा भाव
शनिवार को चांदी हाजिर का भाव 280 रुपये बढ़कर 38,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया जो 29 जून के बाद का उच्चतम स्तर है। चांदी वायदा में भी 60 रुपये की तेजी देखने को मिली और यह 37,285 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। वहीं सिक्का लिवाली और बिकवाली गत दिवस के क्रमश: 80 हजार और 81 हजार रुपये प्रति सैकड़ा पर टिके रहे।
शुक्रवार को यह था भाव
बजट में सरकार ने बहुमूल्य धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है। इससे घरेलू बाजार में सोना महंगा हो गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में इस समय सोने का दाम 34,924 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसमें 707 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
वित्त मंत्री ने बढ़ाया सीमा शुल्क
सरकार द्वारा बहुमूल्य धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने से घरेलू बाजार में सोना और आभूषण महंगे होंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में सोने और अन्य बहुमूल्य धातुओं पर सीमा शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी करने का प्रस्ताव किया।
घरेलू आभूषण उद्योग ने की थी शुल्क में कटौती की मांग
बता दें कि घरेलू आभूषण उद्योग आयात शुल्क में कटौती की मांग कर रहा था, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ा दिया है। इससे पहले वाणिज्य मंत्रालय ने भी आयात शुल्क में कटौती की सिफारिश की थी।
2018-19 में तीन फीसदी घटा सोने का आयात
वित्त वर्ष 2018-19 में मूल्य के हिसाब से सोने का आयात तीन फीसदी घटकर 32.8 अरब डॉलर रह गया है। सोने के आयात में गिरावट से चालू खाते के घाटे (कैड) पर अंकुश रखने में मदद मिलती है। वित्त वर्ष 2017-18 में बहुमूल्य धातुओं का कुल आयात 33.7 अरब डॉलर रहा था।
वहीं साल 2016-17 में यह 27.5 अरब डॉलर और 2015-16 में 31.8 अरब डॉलर था। मात्रा के लिहाज से देखा जाए तो देश ने बीते वित्त वर्ष में 982 टन सोने का आयात किया। वित्त वर्ष 2017-18, 2016-17 और 2015-16 में सोने का आयात क्रमश: 955 टन, 778 टन और 968 टन रहा था।
निर्यात की बात करें, तो बीते वित्त वर्ष में रत्न एवं आभूषणों का निर्यात 5.32 फीसदी घटकर 30.96 अरब डॉलर रह गया है।