आगामी 19 अप्रैल को मनाए जाने वाले 'अक्षय तृतीया' पर्व से ठीक पहले घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया है। बुधवार (15 अप्रैल) को ज्वैलर्स और स्टॉकिस्टों की ताजा लिवाली के कारण सोने के भाव में 3,000 रुपये और चांदी में 11,800 रुपये का भारी उछाल दर्ज किया गया। हालांकि, कीमतों के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर होने के बावजूद, शादियों के सीजन और त्योहारी मांग के चलते आभूषण ब्रांड्स को इस साल भी शानदार बिक्री की उम्मीद है।
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 3,000 रुपये (लगभग 2 प्रतिशत) की तेजी के साथ 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र (सोमवार) में यह 1,55,000 रुपये पर था। इसी तरह, चांदी 11,800 रुपये (4.81 प्रतिशत) की बड़ी छलांग के साथ 2,57,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 45.88 डॉलर (करीब 1 प्रतिशत) गिरकर कारोबार कर रहा था।
बढ़ती कीमतों ने उपभोक्ताओं की खरीदारी के पैटर्न में अहम बदलाव किए हैं:
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (भारत) के रीजनल सीईओ सचिन जैन ने कहा कि हाल के जियोपॉलिटिकल तनावों ने सोने की 'सेफ-हेवन' (सुरक्षित निवेश) अपील को मजबूत किया है, और इस बार डिजिटल गोल्ड और ईटीएफ चलन में हैं।
कोटक सिक्योरिटीज के नेशनल हेड सुनील कटके बताते हैं कि शादियां इस उद्योग का सबसे बड़ा 'संरचनात्मक चालक' (स्ट्रक्चरल ड्राइवर) हैं। उनके अनुसार, खरीदारी में क्षेत्रीय अंतर भी है- दक्षिण और पश्चिम भारत में भारी पारंपरिक आभूषण खरीदे जाते हैं, जबकि उत्तर और पूर्व में हल्के आभूषणों की मांग अधिक है। वहीं, चेतन थड़ेश्वर का मानना है कि जो ग्राहक 90 हजार से एक लाख रुपये के भाव पर खरीदारी करने से चूक गए थे, वे और अधिक कीमतें बढ़ने के डर से अब 1.50 लाख रुपये पर भी सोना खरीद रहे हैं।