बुधवार को राजधानी दिल्ली में सोना 500 रुपये बढ़कर 99,170 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमतें 1,04,800 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर स्थिर रहीं। लगातार दो सत्रों में पीली धातु की कीमत में 1,700 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है।
अमेरिकी टैरिफ को लेकर चिंताओं के बीच वैश्विक स्तर पर भारी बिकवाली से सोने के दाम में उछाल आया। बुधवार को राजधानी दिल्ली में सोना 500 रुपये बढ़कर 99,170 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। लगातार दो सत्रों में पीली धातु की कीमत में 1,700 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 450 रुपये बढ़कर 98,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गया। वहीं चांदी की कीमतें 1,04,800 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर स्थिर रहीं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने इसकी पुष्टी की है।
भू-राजनीतिक जोखिम में कमी के कारण सोने में गिरावट आई थी
नुवामा प्रोफेशनल क्लाइंट्स ग्रुप के एफएक्स एवं कमोडिटी प्रमुख अभिलाष कोइकरा ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में सोने की कीमत में तेजी के साथ शुरुआत हुई। इसमें जून के उच्चतम स्तर से हालिया गिरावट ईरान-इस्राइल युद्ध विराम के बाद भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम में कमी के कारण आई। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय बैंकों ने जून में 50 टन से अधिक सोना खरीदा, जिसका नेतृत्व चीन और तुर्की ने किया। वहीं यूरोप में व्यापार तनाव के बीच गोल्ड ईटीएफ में नए सिरे से निवेश आया।
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डोनाल्ड ट्रंप की कर और खर्च विधेयक ने सोने को सहारा दिया
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक कर और व्यय कटौती विधेयक को लेकर चिंताओं के बीच सुरक्षित निवेश की मांग के कारण सोने में तेजी आई। इससे सोने की कीमतों को और समर्थन मिला।
अमेरिकी टैरिफ का सोने पर पड़ेगा असर
वैश्विक बाजारों में सोना हाजिर मामूली बढ़त के साथ 3,342.44 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च की एवीपी कायनात चैनवाला ने कहा कि व्यापारिक तनाव बढ़ने के बीच सोना 3,350 डॉलर के स्तर पर स्थिर बना हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वह टैरिफ की समयसीमा बढ़ाने पर विचार नहीं कर रहे हैं।
निवेशकों को है इन आंकड़ों का इंतजार
अबान्स फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिंतन मेहता के अनुसार, निवेशकों को अमेरिकी श्रम आंकड़ों का इंतजार रहेगा। एडीपी रोजगार रिपोर्ट आज ही जारी होगी और गैर-कृषि वेतन और बेरोजगारी दर गुरुवार को जारी होगी। ये डेटा रिलीज अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले कदम के बारे में संकेत देंगे। मेहता ने कहा कि दिन में बाद में आने वाले कच्चे तेल के इन्वेंट्री डेटा पर भी बाजार सहभागियों की नजर रहेगी, ताकि मुद्रास्फीति के संकेतों का पता लगाया जा सके।