अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार मजबूत वैश्विक रुख के बीच आभूषण विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं की सतत खरीदारी से बुधवार को सोना राष्ट्रीय राजधानी में 630 रुपये की तेजी के साथ 82,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी के साथ 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 630 रुपए उछलकर 82,330 रुपए प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एवं करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा, "घरेलू बाजार में एमसीएक्स गोल्ड में तुलनात्मक रूप से मामूली बढ़त दर्ज की गई, जो रुपए की मजबूती से सीमित रही। मुद्रा की मजबूती ने घरेलू सोने की कीमतों में तेजी को सीमित कर दिया।"
अबान्स होल्डिंग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिंतन मेहता ने कहा, "डॉलर के कमजोर होने के कारण सोने की कीमतों में वृद्धि जारी है। ट्रम्प की ओर से चीन, मैक्सिको और कनाडा पर व्यापार शुल्क लगाने के वादे में देरी के बाद बाजार चिंतित है, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि अगले महीने शुल्क लगाया जा सकता है, जिससे व्यापार युद्ध के लंबे समय तक चलने की आशंका है।" मेहता ने कहा कि इसके अलावा, कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने सोने के लिए तेजी के परिदृश्य को बढ़ा दिया है, क्योंकि खुदरा बिक्री उम्मीदों से कम रही है और बेरोजगारी के दावे भी बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक तनाव के इन संकेतों से यह अटकलें बढ़ गई हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपने आक्रामक रुख में नरमी ला सकता है तथा इस वर्ष ब्याज दरों में और कटौती कर सकता है, तथा इससे सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की अपील बढ़ रही है। चांदी कॉमेक्स वायदा भी 0.27 प्रतिशत बढ़कर 31.58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
ऑग्मोंट की अनुसंधान प्रमुख रेनिशा चैनानी के अनुसार, "चूंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा आयात पर लगाए जाने वाले टैरिफ के बारे में बाजार में काफी अनिश्चितता है, इसलिए कीमती बाजार रिकॉर्ड उच्च स्तर को छूने के लिए गति बना रहा है। चैनानी ने कहा, "पिछले दस वर्षों में, अमेरिकी व्यापार घाटा लगभग दोगुना हो गया है, जो 2024 में 500 बिलियन अमरीकी डॉलर से बढ़कर 850 बिलियन अमरीकी डॉलर हो जाएगा।"