सर्राफा बाजार की कीमतों पर क्या है जानकारों की राय?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च विश्लेषक मानव मोदी ने कहा, "अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ब्रिक्स देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दिए जाने के बाद डॉलर में मजबूती आने से पिछले सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई।"
ट्रंप की धमकी से वैश्विक मुद्राओं पर असर पड़ा और डॉलर में उछाल आया। व्यापारियों के बीच अमेरिका की ओर से और भी अधिक संरक्षणवादी नीतियों की आशंका दिखी। मोदी ने कहा कि इससे रुपये में और गिरावट आई और यह अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि इस्राइल-हिजबुल्लाह युद्ध विराम के जारी रहने के संकेतों के कारण सोने की मांग में कमी आई। हालांकि रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के कारण थोड़ी ही सही सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की खरीदारी हो रही है।
अबांस होल्डिंग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिंतन मेहता के अनुसार, उम्मीद से बेहतर अमेरिकी विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिलने से सोने की कीमतें स्थिर रहीं। मेहता ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने सोमवार को गिरती मुद्रास्फीति और लचीले श्रम बाजार के प्रति आशावाद बनाए रखा और दिसंबर में दरों में कटौती करने की इच्छा जताई।