अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी के रुख के बीच सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने का भाव 200 रुपये घटकर 79,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली पीली धातु शुक्रवार को 79,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई।
औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की कमजोर उठान के कारण चांदी भी 2,200 रुपये टूटकर 90,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 92,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 200 रुपये घटकर 78,800 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। शुक्रवार को यह कीमती धातु 79,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। इस बीच, एमसीएक्स पर वायदा कारोबार में दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध की कीमत 478 रुपये यानी 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,896 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई।
दिसंबर डिलीवरी के लिए चांदी का अनुबंध 574 रुपये या 0.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 88,307 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। दिन के कारोबार के दौरान, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर यह सफेद धातु 1,081 रुपये या 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 87,800 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर पर आ गई।
वैश्विक स्तर पर कॉमेक्स सोना वायदा 23.50 डॉलर प्रति औंस या 0.88 प्रतिशत गिरकर 2,657.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। एशियाई सत्र के दौरान 2,621 अमेरिकी डॉलर के निचले स्तर को छूने के बाद सोने में गिरावट जारी रही।
आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के एवीपी (कमोडिटीज एंड करेंसीज) मनीष शर्मा ने कहा, "यह गिरावट अमेरिकी डॉलर में आई तेजी के कारण हुई है, जिसे अमेरिकी ट्रेजरी बांड पर बढ़ती आय और नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित टैरिफ से जुड़ी मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं से बल मिला है।"
कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च की एवीपी कायनात चैनवाला के अनुसार, पिछले सप्ताह कॉमेक्स सोना कमजोर रुख के साथ बंद हुआ, क्योंकि इजरायल और लेबनान में हिजबुल्लाह के बीच युद्ध विराम समझौते के बाद सुरक्षित निवेश की मांग कमजोर पड़ गई। चैनवाला ने कहा कि इसके अलावा, लगातार मुद्रास्फीति की चिंताओं ने अगले वर्ष ब्याज दरों में कटौती की गति पर संदेह पैदा कर दिया है।
एशियाई बाजारों में चांदी भी 1.36 प्रतिशत गिरकर 30.69 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। जानकारों के अनुसार, "बाजार यूक्रेन-रूस के बीच बढ़ते तनाव पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और सोमवार को जारी होने वाले अमेरिकी विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।"
अबान्स होल्डिंग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिंतन मेहता ने कहा, "इसके अलावा, फेडरल रिजर्व (फेड) के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल सहित फेड अधिकारियों के प्रमुख संबोधन भी ध्यान का केंद्र हैं, क्योंकि बाजार दिसंबर में ब्याज दर के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है।" मेहता ने कहा कि हालांकि सोने में भागीदारी पिछले स्तर की तुलना में कम हुई है, लेकिन निवेशकों द्वारा इसमें निवेश बढ़ाने से कीमतें मजबूत हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों का मानना है कि सोने की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी होगी, हालांकि ब्याज दरों में अतिरिक्त कटौती में संभावित देरी से अल्पकालिक गिरावट आ सकती है- जो खरीदारी करने का अवसर देगी।