अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, स्टॉकिस्टों और खुदरा विक्रेताओं की भारी बिकवाली के कारण राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को चांदी की कीमत 4,900 रुपये की गिरावट के साथ तीन सप्ताह के निचले स्तर 90,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। दूसरी ओर, सोना 100 रुपये की गिरावट के साथ 78,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर आ गया।
कारोबारियों के अनुसार अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ योजना के आर्थिक संभावनाओं और फेडरल रिजर्व (फेड) के ब्याज दर परिदृश्य की अनिश्चितता के कारण सर्राफा बाजार की धारणा कमजोर रही। इस बीच, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर वायदा कारोबार में दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध की कीमत गुरुवार को 167 रुपये यानी 0.22 प्रतिशत बढ़कर 75,927 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।
एशियाई बाजार में कॉमेक्स सोना वायदा 8.20 डॉलर प्रति औंस या 0.31 प्रतिशत बढ़कर 2,673 डॉलर प्रति औंस हो गया। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च विश्लेषक मानव मोदी ने कहा, "अमेरिका से मिले-जुले आंकड़े, डॉलर सूचकांक में उतार-चढ़ाव, व्यापार शुल्क का खतरा बढ़ने और ब्याज दरों में कटौती को लेकर बाजार की उम्मीदों में उतार-चढ़ाव के बीच सोने की कीमतें सीमित दायरे में स्थिर बनी हुई हैं।"
हालांकि, मोदी ने कहा कि इस्राइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध विराम समझौते के बारे में लगातार अपडेट और फेड अधिकारियों की मिश्रित टिप्पणियों से लाभ घट रहा है और बाजार सहभागियों में चिंता बनी हुई है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर चांदी वायदा 0.15 प्रतिशत गिरकर 30.51 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
मिराए एसेट शेयरखान के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (फंडामेंटल करेंसीज एंड कमोडिटीज) प्रवीण सिंह ने कहा, "गुरुवार को पीली धातु में मामूली तेजी रही और मजबूत अमेरिकी डॉलर तथा रूस-यूक्रेन युद्ध के परिणामस्वरूप परमाणु खतरे से उत्पन्न भू-राजनीतिक घबराहट के कारण इसमें काफी उतार-चढ़ाव रहा।"
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, व्यापारियों का मानना है कि सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में स्थिर रहने की संभावना है, तथा अमेरिका में थैंक्सगिविंग अवकाश के कारण कारोबार का आकार कम रहने की उम्मीद है।