डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अक्तूबर में पहले दो सप्ताह में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने घरेलू पूंजी बाजार से 6,200 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है।
इसलिए निकाले पैसे
अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध की बढ़ती आशंकाओं की वजह से विदेशी निवेशकों ने घरेलू पूंजी बाजार से निकासी की है। इसके अतिरिक्त वैश्विक आर्थिक मंदी की वजह से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। इतना ही नहीं रेटिंग एजेंसी मूडीज और अन्य संस्थानों द्वारा जीडीपी वृद्धि दर में की जा रही कटौती से भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित हो रही है। रविवार को विश्व बैंक ने भी भारत की वृद्धि दर घटाकर इसे छह: फीसदी कर दिया है।
शेयर बाजार से निकाले 4,955.20 करोड़ रुपये
डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, एक अक्तूबर से 11 अक्तूबर के दौरान एफपीआई ने शेयर बाजार से 4,955.20 करोड़ रुपये और ऋणपत्रों (बॉन्ड्स) से 1,261.90 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की है। इस दौरान कुल निकासी 6,217.10 करोड़ रुपये की हो गई है।
सितंबर एफपीआई में थी शुद्ध खरीदारी
इस संदर्भ में मॉर्निंगस्टार इंवेस्टमेंट के वरिष्ठ विश्लेषक प्रबंधक (शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा है कि, 'सितंबर में शुद्ध खरीदार रहने के बाद अक्तूबर में एफपीआई फिर बिकवाली करने लगे। इससे पहले सितंबर में सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों की घोषणा के बाद एफपीआई में शुद्ध खरीदारी की थी।