नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में अबतक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने घरेलू पूंजी बाजारों में शुद्ध रूप से 1,288 करोड़ रुपये का निवेश किया है। जनवरी में एफपीआई शुद्ध लिवाल बने हुए हैं।
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एक जनवरी से 17 जनवरी के दौरान एफपीआई ने शेयरों में 10,200 करोड़ रुपये का निवेश किया। वहीं बांड या ऋण बाजार से 8,912 करोड़ रुपये की निकासी की। इस तरह इस अवधि में विदेशी निवेशकों ने शुद्ध रूप से 1,288 करोड़ रुपये का निवेश किया।
इससे पहले सितंबर 2019 से लगातार हर महीने एफपीआई शुद्ध निवेशक रहे हैं। इस संदर्भ में मॉर्निंगस्टार इंवेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के वरिष्ठ विश्लेषण प्रबंधक (शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि, 'भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने से पहले विदेशी निवेशक वैश्विक मोर्चे पर चल रही गतिविधियों को नजदीकी से देख रहे हैं। उन्होंने सतर्कता बरती। अमेरिका व ईरान के बीच तनाव से वैश्विक शेयर बाजारों प्रभावित हुआ है।'
इसके अलावा एफपीआई की निगाहें एक फरवरी को पेश होने जा रहे आम बजट पर भी लगी हैं। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट एक फरवरी 2020 को पेश होगा। वहीं आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। यह सीतारमण का दूसरा बजट होगा।
साल 2019 में एफपीआई ने घरेलू बाजारों (शेयर और ऋण दोनों) में शुद्ध रूप से 73,276.63 करोड़ रुपये डाले थे। बता दें कि जनवरी, जुलाई और अगस्त को छोड़कर एफपीआई साल 2019 के शेष महीनों में शुद्ध लिवाल रहे हैं।
बता दें कि जब एक अंतरराष्ट्रीय निवेशक, किसी अन्य देश के उद्यम की निष्क्रिय होल्डिंग में निवेश करता है, यानी वित्तीय परिसंपत्ति में निवेश करता है, तो इसे एफपीआई के रूप में जाना जाता है।