डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ( एफपीआई ) ने जनवरी माह में भारतीय शेयर बाजारों में 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। बता दें कि यह लगतार पांचवां महीना है जबकि विदेशी निवेशक शेयरों में शुद्ध निवेशक बने हुए हैं।
इसलिए भारतीय शेयर बाजारों में पैसा लगा रहे हैं निवेशक
अमेरिका और ईरान के बीच भू - राजनीतिक और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार को लेकर तनाव कम होने से विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजारों में पैसा लगा रहे हैं।
पहले शेयरों में डाले थे इतने पैसे
बता दें कि सितंबर माह में विदेशी निवेशकों ने शेयरों में 7,547.8 करोड़ रुपये डाले थे। अक्तूबर में यह आंकड़ा 12,367.9 करोड़ रुपये था, नवंबर में 25,230.6 करोड़ रुपये। वहीं दिसंबर माह में विदेशी निवेशकों ने शेयरों में 7,338.4 करोड़ रुपये डाले थे।
दिसंबर में इतना था शुद्ध निवेश
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने पिछले महीने यानी दिसंबर में शेयरों में शुद्ध रूप से 12,122 करोड़ रुपये डाले थे। इस दौरान विदेशी निवेशकों ने बांड बाजार से 11,119 करोड़ रुपये की निकासी भी की थी। इस तरह दिसंबर में भारतीय पूंजी बाजारों में उनका शुद्ध निवेश 1,003 करोड़ रुपये रहा है।
2019 में एफपीआई ने डाले थे 73,276.63 करोड़ रुपये
साल 2019 में एफपीआई ने घरेलू बाजारों (शेयर और ऋण दोनों) में शुद्ध रूप से 73,276.63 करोड़ रुपये डाले थे। बता दें कि जनवरी, जुलाई और अगस्त को छोड़कर एफपीआई साल 2019 के शेष महीनों में शुद्ध लिवाल रहे हैं।
क्या है एफपीआई ?
बता दें कि जब एक अंतरराष्ट्रीय निवेशक, किसी अन्य देश के उद्यम की निष्क्रिय होल्डिंग में निवेश करता है, यानी वित्तीय परिसंपत्ति में निवेश करता है, तो इसे एफपीआई के रूप में जाना जाता है।