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ये दो कारण करते हैं इशारा, और महंगा हो सकता है डीजल-पेट्रोल

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पेट्रोल-डीजल के दामों में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। ऐसा होने के पीछे दो कारण हैं। इसमें से पहला कारण है रुपए की गिरती वैल्यू और दूसरा कारण है कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें। आइए जानते हैं कि ये दोनों कैसे बढ़ा सकते हैं डीजल-पेट्रोल के दाम।
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रुपए की गिरती कीमत

गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 64.23 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। आपको बता दें कि ये कमजोरी रुपए में पिछले 20 महीने से सबसे अधिक कमजोरी है।

अगर रुपए की कमजोरी ऐसे ही जारी रही तो फिर डीजल-पेट्रोल की कीमतों में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी होने की आशंका है, जो सीधे आपकी जेब पर असर डालेगा।

सरकारी फ्यूल रिटेलरों में काम करने वाले एग्जिक्युटिव ने टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार को बताया कि डॉलर एक्सचेंज में हर रुपए पर डीजल-पेट्रोल के दाम कमें 45-47 पैसे प्रति लीटर का बदलाव होता है।
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कच्चे तेल की बढ़ती कीमत

जनवरी से लेकर अब तक कच्चे तेल की कीमतें 45-50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं, जो सरकार के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है। गुरुवार को ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 68.40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें डीजल-पेट्रोल की कीमतों में कभी भी आग लगा सकता हैं। इसका कारण यह है कि कच्चा तेल जितना महंगा होगा, इसके आयात में उतना ही अधिक खर्च होगा।

ऐसे में अधिक लागत के चलते कीमतों का बढ़ता तय ही समझें। वहीं दूसरी ओर रुपए की कीमत आग में घी का काम करेगी, जिससे डीजल-पेट्रोल की कीमतों में इजाफा हो सकता है।
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