लॉकडाउन में हुए घाटे को पाटने के लिए तेल विपणन कंपनियां जून में पेट्रोल-डीजल के दाम 5 रुपये तक बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा कंपनियां अगले महीने से कीमतों में रोजाना बदलाव की व्यवस्था को दोबारा बहाल करने की भी तैयारी में हैं। उनका कहना है कि लॉकडाउन में कम बिक्री के साथ सरकारों ने भी टैक्स बढ़ा दिया जिससे लागत और बिक्री में काफी अंतर आ गया है।
कंपनियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल में लागत और बिक्री का अंतर पहले ही 4-5 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। ऐसे में वैश्विक कीमतों को देखते हुए घाटे को पूरा करने के लिए लगातार दो सप्ताह तक 40-50 पैसा प्रतिदिन दाम बढ़ाना पड़ेगा। हालांकि, सरकार के सूत्रों का कहना है कि कीमतों में रोजाना बदलाव की व्यवस्था बहाल होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के मूल्य को सीमा से अधिक बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान बिक्री 90 फीसदी तक गिर गई। हालांकि, वैश्विक कीमतों में बड़ी गिरावट से इसकी भरपाई में मदद मिली थी। लेकिन केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया जिससे कंपनियों का प्रति लीटर मुनाफा 12-18 रुपये से गिरकर 4-5 रुपये पर आ गया।
इसके बाद वैश्विक बाजार में क्रूड महंगा भी होने लगा, जिससे कीमतों को लेकर दबाव बढ़ गया है। दिल्ली में 5 मई को वैट बढ़ाए जाने के बाद पेट्रोल की कीमत 71.26 रुपये लीटर व डीजल 69.39 रुपये लीटर हो गई है, जो 16 मई से पहले क्रमश: 69.59 रुपये और 62.28 रुपये थी।
प्रमुख महानगरों में इतना है दाम
आज दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत क्रमश: 71.26, 76.31, 73.30 और 75.54 रुपये प्रति लीटर है। डीजल की बात करें, तो इन महानगरों में इसका दाम क्रमश: 69.39, 66.21, 65.62 और 68.22 रुपये है।