कोरोनावायरस के चलते दुनिया भर के बाजारों में मचे कोहराम से भारतीय शेयर बाजार भी अछूते नहीं रहे और सेंसेक्स में इतिहास की दूसरी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को सेंसेक्स में 1,448 अंक और निफ्टी में 432 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। यह लगातार छठा सत्र रहा, जब बाजार लाल निशान में बंद हुआ। इससे कुछ ही घंटों में निवेशकों के लगभग 5.46 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बिकवाली इतनी तगड़ी थी कि धातु, आईटी, वाहन सहित कोई भी सूचकांक गिरावट से अछूता नहीं रहा।
पिछले छह कारोबारी सत्र से जारी गिरावट पर गौर करें तो इस दौरान निवेशकों के शेयर बाजार में लगभग 11.76 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं। इस दौरान सेंसेक्स 2,974 अंक यानी लगभग 7.3 फीसदी कमजोर होकर 38,297 पर बंद हुआ, जबकि बुधवार को यह 41,323 के स्तर पर था। वहीं एक दिन में निवेशकों की बाजार पूंजी 5.46 लाख करोड़ रुपये घटकर 146.93 लाख करोड़ रुपये रह गई।
विश्लेषकों के मुताबिक, दुनिया भर में कोरोना के पीड़ितों के मामले सामने आने और इसके आर्थिक असर के आकलन से वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ती जा रही है। चीन से शुरू होने के बाद दुनिया भर में लगभग 83 हजार लोग इसके पीड़ित हो चुके हैं। ट्रेडर्स ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा भारी बिकवाली से खुदरा निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
स्टॉक एक्सचेंज से मिले अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक, इस हफ्ते एफपीआई ने लगभग 9,389 करोड़ रुपये की बिकवाली की है।
सेक्टरों की बात करें तो पिछले छह कारोबारी सत्र के दौरान रिफाइनरी, बैंक, वित्त और सूचना प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों की बाजार पूंजी में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा वाहन, बुनियादी ढांचा, विमानन, बिजली उत्पादन व वितरण और शिपिंग क्षेत्र में 19 फरवरी से अभी तक 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
| तारीख | 1 फरवरी, 2020 |
| 24 अगस्त, 2015 | 1,624 |
| 28 फरवरी, 2019 | 1,448 |
| 21 जनवरी, 2008 | 1,408 |
| 24 अक्तूबर, 2008 | 1,070 |
| 1 फरवरी, 2020 | 988 |