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कोरोनावायरस दुनियाभर के बाजारों पर कहर बन कर टूट पड़ा है। ऐसे में अमेरिकी अर्थव्यवस्था भी इसकी चपेट में आ गई है, जो अब अनिश्चितता के दौर में पहुंच गई है। कोरोनावायरस महामारी से अमेरिका में कारोबार ठप पड़ गया है। न्यूयॉर्क जो कि व्यावसायिक और वित्तीय गतिविधियों का केंद्र मानी जाती है उसकी हालत भी काफी खराब हो गई है। हालांकि, इन सब के बीच अभी यह अनुमान तक नहीं लगाया जा सकता कि हालात और कितने बिगड़ने वाले हैं।
इस पूरे मामले पर अमेरिकी अर्थशास्त्री ग्रेग डेको जो कि ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के प्रमुख हैं, उनका कहना है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था में साल की पहली तिमाही में 0.4 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं, दूसरी तिमाही में यह 12 फीसदी तक जा सकती है।
ऐसे में गोल्डमैन सॉक्स की भविष्यवाणी और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए और भी डराने वाली है। गोल्डमैन सॉक्स का कहना है कि दूसरी तिमाही में अमेरिका की इकोनॉमी में 24 फीसद तक भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं, दावा किया गया है कि मौजूदा समय में बेरोजगार लोगों की संख्या 22 लाख तक जा पहुंचीं है, जो आने वाले समय में और भी बढ़ेगी। वहीं, बेरोजगारी को लेकर डेको ने अनुमान लगाया है कि अप्रैल तक अमेरिका में बेरोजगारों की संख्या एक करोड़ 65 लाख हो सकती है।
अमेरिकी श्रम विभाग की तरफ से बताया गया है कि कोरोनावायरस के प्रभाव के चलते पिछले सप्ताह बेरोजगारी की दर बढ़कर 30 फीसदी पहुंच गई थी। वहीं, 2.81 लाख लोग छंटनी के दायरे में आ गए हैं। हालांकि, हालात अब इतने खराब हो चुके हैं कि गोल्डमैन सॉक्स ने अनुमान लगाया है कि अगले सप्ताह तक बेरोजगारी का यह आंकड़ा 22 लाख से अधिक पहुंच सकता है। वहीं, डेको का अनुमान है कि बेरोजगारी की दर अप्रैल में 10 फीसदी हो सकती है। अगर यह सही साबित होता है तो 1.65 करोड़ लोग अपनी नौकरियों को खो देंगे।