सरकारी बैंकों के फंसे एनपीए को दूर करने और उनको ज्यादा मजबूत बनाने के लिए बजट में नया फंड आवंटित करने की घोषणा की है। केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने 2016-17 का आम बजट पेश करते हुए बताया कि 'वित्तीय कंपनियों के वियोजन पर व्यापक संहिता को लागू किया जाएगा।
ऐसा करने से दिवालिया और दिवालियापन कानून के साथ इस कोड़ से बड़े क्रमबद्ध खाली स्थान की भरपाई होगी। यह एक बड़ा सुधार करने वाला कदम है। मौद्रिक नीति ढांचे को सांविधिक आधार उपलबध कराया जाएगा और वित्त विधेयक 2016 के तहत मौद्रिक नीति का गठन किया जाएगा।
परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनियों को मजबूत बनाने के लिए सारफेसी अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की स्थिति सुधारने की योजना की भी घोषणा की है। आपको बताते चले कि सरकारी बैंकों का एनपीए बढ़कर 4 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा का हो गया है।