पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में जोरदार तेजी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत की खबरों और ब्रेंट क्रूड ऑयल के 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने के कारण बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला है। निवेशकों को उम्मीद है कि राजनयिक प्रयासों से जल्द ही मौजूदा वैश्विक संघर्ष का समाधान निकल सकता है।
शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांकों ने मजबूत शुरुआत की, जो बाजार के लचीलेपन को दर्शाता है:
सेंसेक्स की 30 कंपनियों के समूह में से एक्सिस बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, आईटी और सीमेंट सेक्टर में दबाव देखा गया, जहां इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर शुरुआती कारोबार में पिछड़ गए।
शेयर बाजार में आई इस उछाल के पीछे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी एक बड़ा कारण है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 94.99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार अभी खबरों पर निर्भर है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "निकट भविष्य में बाजार मुख्य रूप से समाचारों से संचालित रहेगा और उम्मीद और डर के बीच झूलता रहेगा"। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रेंट क्रूड का 95 डॉलर के स्तर पर आना इस बाजार के इस विश्वास को दर्शाता है कि यह संघर्ष अधिक समय तक नहीं चलेगा। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि "अगर ऐसा होता है (संघर्ष बढ़ता है), तो क्रूड की कीमतें फिर से तेजी से बढ़ेंगी जिसका शेयर बाजारों पर सीधा असर होगा"।
एशियाई बाजारों में कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स नीचे था। अमेरिकी बाजार सोमवार को मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे। विदेशी निवेश के मोर्चे पर, एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,059.93 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची थी।
सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी के क्रमशः 26.76 (0.03 प्रतिशत) और 11.30 अंकों (0.05 प्रतिशत) की मामूली बढ़त के साथ बंद होने के बाद, मंगलवार की यह शुरुआती तेजी बाजार की बुनियादी मजबूती को दर्शाती है। आगामी कारोबारी सत्रों की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के विकास और वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल के मोर्चे पर होने वाली हलचल पर निर्भर करेगी।