संघ समर्थित भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने शनिवार को छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती का विरोध किया और कहा कि बाजार से संबद्ध आर्थिक नीतियां भारत के लिए उपयुक्त नहीं हैं। बीएमएस के महासचिव बृजेश उपाध्याय ने कहा, ‘भारतीय मजदूर संघ छोटी और लंबी अवधि की बचत योजनाओं की ब्याज दर घटाने का विरोध करता है। हम मांग करते हैं कि सरकार को छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले आम आदमी की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।’
बीएमएस ने सरकार से देश के आर्थिक मॉडल में बदलाव करने को कहा क्योंकि इसके अनुसार बाजार से संबद्ध आर्थिक नीतियां भारत के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उपाध्याय ने कहा, ‘ब्याज दरें घटने से आम आदमी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अब वे बैंक में पैसे नहीं रखेंगे और बैंक पहले से ही बुरी स्थिति में हैं।’
संघ समर्थित इस मजदूर संगठन का रुख सरकार की आर्थिक नीतियों के प्रति आलोचनात्मक रही है। बीएमएस ने कहा है कि ब्याज दर घटाने की हालिया घोषणा से प्रधानमंत्री की जन धन योजना भी प्रभावित होगी।