भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्देश पर यस बैंक एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। यस बैंक अपने संस्थापक और पूर्व प्रमुख राणा कपूर को बोनस के रूप में दिए गए 1.44 करोड़ रुपये वापस लेगा।
मार्च 2019 में 4.32 फीसदी थी कपूर की हिस्सेदारी
फंसे कर्ज की समस्या से जूझ रहा यस बैंक निदेशक मंडल की कमजोरियों को लेकर रिजर्व बैंक के रडार पर है। कपूर यस बैंक के संस्थापकों और प्रवर्तकों में शामिल है। बता दें कि यस बैंक ने अपना कामकाज साल 2004 में शुरू किया था। मार्च 2019 में कपूर की बैंक में 4.32 फीसदी हिस्सेदारी है।
इसलिए वापस लिया जा रह है बोनस
उल्लेखनीय है कि आरबीआई ने पिछले साल अक्टूबर में नियामकीय मुद्दों को लेकर कपूर को सेवा विस्तार देने से मना कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने यस बैंक में कंपनी संचालन में गंभीर चूक और अनुपालन में कमियों की संस्कृति का उल्लेख किया था। इसके आधार पर राणा कपूर को सेवा विस्तार देने इनकार कर दिया।
यस बैंक ने दिया बयान
यस बैंक ने गुरुवार को जारी सालाना रिपोर्ट में कहा कि, 'केंद्रीय बैंक के दिशानिर्देश के अनुसार बैंक निदेशक मंडल ने मामले पर विचार किया और राणा कपूर से उनको 2014-15 और 2015-16 में दिया गया 100 फीसदी प्रदर्शन बोनस वापस मांगे जाने को मंजूरी दी गई।' 2014-15 के लिए बोनस राशि 62,17,823 रुपये और 2015-16 के लिए बोनस राशि 82,45,416 करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 2016-17 और 2017-18 के लिए कोई बोनस नहीं दिया गया था।'
10 महीने के लिए कपूर ने लिया 6.48 करोड़ रुपये का वेतन
कपूर ने जनवरी 2019 में कार्यकाल समाप्त होने से पहले प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में 10 महीने के लिए 6.48 करोड़ रुपये का वेतन लिया। यस बैंक ने रणवीत सिंह गिल को सालाना छह करोड़ रुपये के पैकेज पर कपूर का उत्तराधिकारी नियुक्त किया।