निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में शुमार यस बैंक को दूसरी तिमाही में 600 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। बैंक के नॉन परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) में भी 7.39 फीसदी का नुकसान हुआ है। बैंक का शुद्ध मुनाफा 109 करोड़ रुपये रहा।
इस वजह से हुआ घाटा
बैंक को डीटीए का अडजस्टमेंट करने के लिए 709 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा, जिसकी वजह से उसे यह घाटा हुआ है। पिछले साल की दूसरी तिमाही में बैंक को 964.70 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इससे पहले इसी साल मार्च की तिमाही में बैंक को 1506.60 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। बैंक के शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद अब तक का दूसरा सबसे बड़ा घाटा हुआ है।
एनपीए में बढ़ोतरी
बैंक का ग्रॉस एनपीए 5.01 फीसदी से बढ़कर के 7.39 फीसदी हो गया, जो कि पिछले साल 1.6 फीसदी था। बैंक ने प्रोविजनिंग के लिए 1336 करोड़ रुपये रखे हैं। हांगकांग स्थित एसपीजीपी होल्डिंग्स बैंक में 8,500 करोड़ रुपये (1.2 बिलियन डॉलर) का निवेश करने जा रही है। बीएसई पर बैंक का शेयर गुरुवार को 70.45 रुपये पर बंद हुआ। एक अक्तूबर को बैंक का शेयर 29.05 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस हिसाब से बैंक के शेयर में 150 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। गुरूवार को बैंक के शेयरों में करीब सात सौ करोड़ रुपये की ट्रेडिंग हुई।
बैंक के पास पूंजी तरलता की कमी
फिलहाल यस बैंक के पास पूंजी तरलता की कमी से जूझ रही है। इस कारण से वो लंबे समय से ऐसे निवेशकों को ढूंढ रहा था, जो कि बैंक में निवेश करके पूंजी की तरलता को बढ़ा सकें। एसपीजीपी के अलावा टीपीजी, फारालौन कैपिटल और कार्ले समूह ने भी बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए इच्छुक हैं।