आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (फाइल फोटो)
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वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को पैसा निकालने की ऊपरी सीमा निर्धारित कर दी। इसके बाद आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि 30 दिन की सीमा अधिकतम है। हम बैंक का बहुत जल्दी समाधान निकालने के लिए एक योजना पर बहुत तेजी से काम कर रहे हैं।
आरबीआई ने गुरुवार को अगले एक महीने के लिए हर अकाउंट से केवल 50,000 रुपये निकालने की सीमा निर्धारित कर दी है। यस बैंक के बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है और उसके स्थान पर नए प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। दास ने कहा कि नियामक ने यस बैंक का फैसला बड़े स्तर पर लिया है न कि व्यक्तिगत स्तर पर।
आरबीआई ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। दास ने कहा, 'आप देखेंगे कि यस बैंक का समाधान निकालने के लिए आरबीआई बहुत तेजी से एक कार्ययोजना पर काम कर रहा है।' केंद्रीय बैंक ने यस बैंक को जमाकर्ताओं को यह भी आश्वासन दिया कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है और उनके हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाएगी।
आरबीआई गवर्नर ने कहा, 'आपको बैंक को समय देना होगा, प्रबंधन द्वारा उठाए जाने वाले जरूरी कदम को उठाने की कोशिश करनी होगी और उन्होंने कोशिश की। जब हमने देखा कि यह कोशिश काम नहीं कर रही है तो आरबीआई ने इसमें हस्तक्षेप किया।'
पूरी रात एटीएम के सामने खड़े रहे यस बैंक के ग्राहक
आरबीआई द्वारा मौद्रिक सीमा निर्धारित करने के बाद से यस बैंक के जमाकर्ताओं को एटीएम से धन निकालने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लंबी कतारों में खड़े ग्राहकों को कहीं मशीनें बंद पड़ी मिलीं तो कहीं एटीएम में धन नहीं था। यस बैंक के ग्राहकों की मुसीबत और बढ़ गई जब उन्हें इंटरनेट बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से धन स्थानांतरित करने में भी असुविधा झेलनी पड़ी।