पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोटों को चलन से हटाने के बाद जल्दबाजी में बाजार में उतारे गए नए 500 रुपये के नोटों के साथ कुछ ऐसे नोट भी चलन में आ गए हैं, जिनमें कुछ कमियां भी हैं। लेकिन रिजर्व बैंक का कहना है कि ये नोट भी लीगल टेंडर मनी हैं और यह भी असली नोट की तरह ही चलेंगे। यदि किसी को लगता है कि उन्हें यह नोट नहीं रखना है तो इसे रिजर्व बैंक की किसी शाखा में जा कर बदल सकते हैं।
नोटबंदी के बाद बाजार में लाए गए 500 रुपये के नए नोटों की प्रिंटिंग में कुछ गड़बड़ियों सामने आई हैं। इसकी वजह से आम लोगों को असली और नकली नोटों को पहचानने में मुश्किलें हो रही हैं। इन दोनों नोटों में कई छोटे-छोटे फर्क हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न सिर्फ आम जनता के दिमाग में उलझन पैदा होगी बल्कि जालसाजी को भी बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, रिजर्व बैंक ने इन बातों से इंकार किया है। उसका कहना है कि जल्दबाजी में नोट छापने में 500 रुपये के कुछ करेंसी नोट में गड़बड़ी हुई है।