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जल्दबाजी की वजह से 500 के कुछ नोटों में कमियां, नोट असली हैं: रिजर्व बैंक

Fri, 25 Nov 2016 08:23 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोटों को चलन से हटाने के बाद जल्दबाजी में बाजार में उतारे गए नए 500 रुपये के नोटों के साथ कुछ ऐसे नोट भी चलन में आ गए हैं, जिनमें कुछ कमियां भी हैं। लेकिन रिजर्व बैंक का कहना है कि ये नोट भी लीगल टेंडर मनी हैं और यह भी असली नोट की तरह ही चलेंगे। यदि किसी को लगता है कि उन्हें यह नोट नहीं रखना है तो इसे रिजर्व बैंक की किसी शाखा में जा कर बदल सकते हैं।
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नोटबंदी के बाद बाजार में लाए गए 500 रुपये के नए नोटों की  प्रिंटिंग में कुछ गड़बड़ियों सामने आई हैं। इसकी वजह से आम लोगों को असली  और नकली नोटों को पहचानने में मुश्किलें हो रही हैं। इन दोनों नोटों में कई  छोटे-छोटे फर्क हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न सिर्फ आम जनता के  दिमाग में उलझन पैदा होगी बल्कि जालसाजी को भी बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, रिजर्व बैंक ने इन बातों से इंकार किया है। उसका कहना है कि जल्दबाजी में नोट छापने  में 500 रुपये के कुछ करेंसी नोट में गड़बड़ी हुई है।
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'नोटों को बेझिझक स्वीकार कर सकते हैं'

रिजर्व बैंक की प्रवक्ता अल्पना किल्लावाला ने अमर उजाला को बताया कि यह नोट प्रिटिंग में हुई गलती हो सकती है क्योंकि इस समय काम का काफी दबाव है। उनका कहना है कि जब रोज लाखों नोट आ रहा है तो कुछ में थोड़ी बहुत गलतियां भी हो सकती है। लोग इन नोटों को भी बेझिझक स्वीकार कर सकते हैं। जो इस नोट को नहीं रखना चाहें तो वे रिजर्व बैंक की किसी शाखा में जाकर इसे बदल भी सकते हैं। 

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के नोटों को चलन में डालने से लोगों की उलझन बढ़ेगी और इसका फायदा नकली नोट चलाने वालों को मिल सकता है।

500 एवं 1000 के पुराने नोट रिजर्व बैंक में बदलें

रिजर्व बैंक का कहना है कि शुक्रवार से बैंकों में चलन से हटाये गए पुराने नोट भले ही नहीं बदले जा रहे हों, लेकिन यह व्यवस्था रिजर्व बैंक में चलती रहेगी। हालांकि रिजर्व बैंक में नोट बदलने की सीमा वही रहेगी जो बैंकों में थी।
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