मार्च से बैंक के एटीएम से पैसा निकालना महंगा हो सकता है। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने केंद्र सरकार को ऐसा करने का प्रस्ताव दिया है। अगर सरकार ने इस प्रस्ताव को मान लिया तो फिर प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर लोगों को ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ सकता है।
बिजनेस स्टैण्डर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक एनपीसीआई का कहना है कि अगर सरकार ने इंटरचेंज फीस नहीं बढ़ाने की मंजूरी दी, तो फिर देश भर में एक लाख से अधिक एटीएम बंद हो जाएंगे, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
एटीएम इंटरचेंज फीस पिछले 6 साल से नहीं बढ़ी है। यह एटीएम से प्रति ट्रांजैक्शन पर आने वाली लागत से भी कम है। ऐसे में इंटरचेंज फी बढ़ाया जाना चाहिए। वहीं इंटरचेज फी का भुगतान करने वाले बैंक इसमें इजाफा नहीं चाहते हैं। अधिकारी का कहना है कि अगर इंटरचेंज फी नहीं बढ़ाया जाता है तो इसमें नियामक को हस्तक्षेत करना चाहिए।
एनपीसीआई ने इंटरचेंज फीस को 15 रुपये से 17 करने का प्रस्ताव दिया है। इंटरचेंज फीस एनपीसीआई की स्टीयरिंग कमेटी तय करती है। इसमें प्रमुख रूप से बैंक के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। हालांकि इस कमेटी में एक राय नहीं बनी, जिसके बाद एनपीसीआई ने इस प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया है।